रामानुजगंज। जंगल में मौजूद हाथियों के दल ने एक किशोरी को मौत के घाट उतार दिया। किशोरी जंगल में महुआ बीनने गई हुई थी, इसी दौरान उसका 22 हाथियों के दल से सामना हो गया। दल में मौजूद हाथियों ने बच्ची को उठाकर पटक दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम द्वारा बच्ची की लाश को पीएम उपरांत परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है। लोगों को जंगल में नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है।
बता दें कि, बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत चिनिया क्षेत्र में इन दिनों 22 हाथियों का दल मौजूद है, झारखंड की ओर से पहुंचा यह दल काफी आक्रामक है और पिछले 3-4 दिनों से महावीरगंज,चिनिया, सहित 5-6 अन्य गावों के आसपास विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों के मौजूदगी को देखते हुए लोगों को जंगल में नहीं जाने की समझाइश दी गई थी लेकिन सूचना के बाद भी शनिवार की सुबह एक बच्ची जंगल में महुआ बीनने चली गई थी, बताया जा रहा है कि जंगल में महुआ बीनते समय 14 वर्षीया बच्ची का सामना हाथियों के दल से हो गया। दल में शामिल हाथियों ने बच्ची को उठाकर पटक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। मृतका की पहचान ग्राम बरदरिया निवासी 14 वर्षीया पिंकी कुमारी आ. बंबईया के रूप में की गई है।
वन विभाग की ओर से मृतका के परिजन को 25 हजार की सहायता
मृतका पिंकी कुमारी घूमने के लिए अपने रिश्तेदार के घर ग्राम चिनिया आई हुई थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि बच्ची को हाथी के मौजूदगी की जानकारी नहीं थी और वह जंगल में महुआ बीनने के लिए चली गई। भाग कर जान बचाने वाले व्यक्ति ने ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे इसके साथ ही वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। वन विभाग में बच्ची की लाश को बरामद करने के साथ ही उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पीएम उपरांत बच्ची की लाश को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है इसके साथ ही वन विभाग की ओर से मृतका के परिजन को 25 हजार की सहायता राशि प्रदान की गई है।
झारखंड में ले चुका है दो की जान
बताया जा रहा है कि रामचंद्रपुर क्षेत्र में बालिका को मौत के घाट उतारने वाला हाथियों का दल काफी आक्रामक है। इसी दल ने झारखण्ड में भी दो लोगों की जान ली है और अब यह दल पिछले तीन चार दिनों से क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। हाथियों के मौजूदगी और अब एक की मौत के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। वन विभाग का दावा है कि उनकी टीम लगातार हाथियों के दल पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के साथ ही जंगल में नहीं जाने की सलाह दी गई है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगल क्षेत्रों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
महुआ बीनने जा रहे लोग
इन दिनों जंगल में बड़ी संख्या में ग्रामीण महुआ बिनने के लिए जा रहे है। ग्रामीण सुबह से जंगल में महुआ एकत्रित करने में व्यस्त हो जाते है ऐसे में हाथियों की मौजूदगी से गामीणों के आमदनी का एक प्रमुख जरिया प्रभावित हो रहा है। हालांकि वन विभाग द्वारा कहा गया है कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी है वहां लोग महुआ बीनने नहीं जाए।
लोगों को दे रहे हैं समझाइश
डीएफओ आलोक कुमार वाजपेयी ने बताया कि, 22 हाथियों का दल झारखंड की ओर से आया हुआ है। हाथी चिनिया क्षेत्र में मौजूद है और आस पास के 5-6 प्रभावित गावों में लोगों को समझाइश देने के साथ ही वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही है। बच्ची जंगल में महुआ बिनने गई हुई थी और उसका हाथियों से सामना हो गया। मृतका के परिजन को तत्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है। हमारी टीम लगातार लोगों को सतर्क करने का काम कर रही है।
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