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बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में DRG, STF और CRPF की संयुक्त कार्रवाई में दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए। मौके से SLR, इंसास रायफल और 12 बोर बंदूक बरामद।

गणेश मिश्रा- बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंद्रावती नदी क्षेत्र में चल रही मुठभेड़ के दौरान अब तक दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया गया है। मुठभेड़ स्थल से दोनों के शव के साथ भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर के इंद्रावती नदी के आसपास जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर DRG, STF और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।

जारी है सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से 2 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही एक SLR, एक इंसास रायफल और एक 12 बोर बंदूक भी जब्त की गई है। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने प्रेस नोट जारी कर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि, क्षेत्र में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी अन्य जानकारियां अभियान पूरा होने के बाद साझा की जाएंगी।

8 लाख की इनामी DVCM महिला नक्सली ने AK-47 के साथ किया आत्मसमर्पण
वहीं गुरूवार को कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। देर रात डीवीसीएम रैंक की महिला नक्सली मासे बारसा ने एके-47 रायफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। मासे बारसा पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह छिंदपदर गांव के जंगलों से निकलकर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए स्वयं सामने आई। मिली जानकारी के अनुसार, लगातार बढ़ते पुलिस और सुरक्षा बलों के दबाव, साथ ही शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मासे बारसा ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के दौरान उसने अपने पास मौजूद एके-47 हथियार भी सौंप दिया। 

डीवीसीएम स्तर की सक्रिय सदस्य थी बारसे
बताया जा रहा है कि, मासे बारसा संगठन में डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) स्तर की सक्रिय सदस्य थी और कई नक्सली गतिविधियों में उसकी भूमिका रही है। उसके सरेंडर को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि, एक दिन पहले ही डीवीसीएम रैंक के नक्सली मल्लेश ने भी कांकेर पुलिस और बीएसएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। 

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