रायपुर। छत्तीसगढ़ हर महीने की 7 तारीख को चावल उत्सव मनाया जाता है, इस तारीख को सरकारी राशन दुकानों से चावल का वितरण करने को चावल उत्सव कहा जाता है, लेकिन इस बार 7 फरवरी को यह उत्सव नहीं हो पाने से राज्य में बड़ी संख्या में गरीब लोग परेशान हैं। चावल न मिलने की शिकायत यहां वहां कर रहे हैं। यही नहीं, चावल लेने की कोशिश में दूसरे गांवों की दुकानों तक दौड़ भी लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
हरिभूमि को मिली जानकारी के अनुसार फरवरी में 7 फरवरी की जगह 20 फरवरी को चावल उत्सव होगा। इस दिन से राज्य की सभी करीब 14 हजार राशन दुकानों से चावल का वितरण होगा। राज्य में निर्धारित समय पर चावल न बंट पाने के पीछे ये बात सामने आई है कि सामान्य चावल में गुणवत्ता युक्त पौष्टिक चावल एफआरके एक प्रतिशत की मात्रा में मिलाया जाता है। लेकिन इस बार एफआरके चावल के टेंडर में देरी होने की वजह से चावल का वितरण नहीं हो पाया है।
सर्वर समस्या से राशन वितरण ठप
इसी सिलसिले में ये भी कहा जा रहा है कि खाद्य विभाग के सर्वर में तकनीकी खराबी होने के कारण चावल वितरण नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ के लाखों लोग जो राशन दुकानों से चावल लेते हैं, परेशानी में पड़ गए हैं। कई लोग चावल न मिलने की शिकायत भी यहां वहां करते रहे है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। अभी आधी दुकानों से ही वितरण यह जानकारी भी मिली है कि राज्य की करीब 14 हजार सरकारी राशन दुकानों मे से आधी यानि करीब साढ़े 6 हजार दुकानों से चावल वितरण शुरु हो गया है। लेकिन इसके साथ ये भी कहा जा रहा है कि अब 20 फरवरी को चावल उत्सव होगा, इसी समय से सभी दुकानों से फरवरी और मार्च का दो माह का चावल एक साथ दिया जाएगा।











