राजिम में सतनामी समाज ने भव्य कार्यक्रम आयोजित कर समाज के पहले IAS अफसर संजय डहरिया को सम्मानित किया।

श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। नगर के गुरू घासीदास मंदिर परिसर में सतनामी समाज ने एक भव्य प्रेरणादायी आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण समाज के पहले IAS अधिकारी संजय डहरिया का सम्मान समारोह रहा। समाजजनों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत कर गौरव व्यक्त किया।

गद्दी आसन की पूजा से शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मंच पर आईएएस संजय डहरिया को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणी बाबा गुरू घासीदास के गद्दी आसन पर पूजा अर्चना वंदन एवं सतनाम के जयघोष के साथ किया गया। 

दूजराम बंजारे ने दिया स्वागत भाषण 
इस अवसर पर अधिवक्ता दूजराम बंजारे ने स्वागत भाषण में कहा कि, संजय डहरिया ने कठिन परिश्रम और लगन से आईएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सतनामी समाज का नाम रोशन किया है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और अब समय आ गया है कि समाज के बच्चे शिक्षा को प्राथमिकता दें। 

संजय डहरिया युवाओं के लिए प्रेरणा
आज का सम्मान समारोह गौरव का क्षण है। हमारे बीच से निकलकर श्री डहरिया ने देश के सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया है। इसे समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद ग्राम पंचायत पितईबंद के महिला सरपंच गोदावरी-सहदेव बंजारे ने कहा कि संजय डहरिया से प्रेरणा लेकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। 

बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें
शिक्षा ही वह शक्ति है, जो व्यक्ति, समाज और प्रदेश के विकास की आधारशिला रखती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि, वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर छात्रा यामिनी बघेल ने भी अंग्रेजी में भाषण प्रस्तुत करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इनके भाषण सुन समाज के लोग गौरवान्वित हुए। 

मेहनत से कोई भी मुकाम हो सकता है हासिल-IAS संजय डहरिया 
कार्यक्रम में सम्मानित होने के बाद आईएएस संजय डहरिया ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के आशीर्वाद को दिया। कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का आग्रह किया। 

प्रतियोगी परीक्षाओं की करें तैयारी
श्री डहरिया ने कहा कि, युवा वर्ग प्रतियोगी परिक्षाओं युपीएससी, पीएससी, जेईई एवं नीट की तैयारी करे। इन परिक्षाओं में सफलता के लिए केवल पढ़ाई ही नही बल्कि सही रणनीति, समय प्रबंधन, निरंतर अभ्यास एवं आत्मविश्वास अत्यंत आवश्यक है।

इसी कड़ी में उन्होने अपने जीवन के अत्यंत कठिन दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि एक गंभीर बीमारी कैंसर से वे 8 वर्षो तक संघर्ष किया जिसे वे दृढ़ ईच्छाशक्ति के बल पर विजय प्राप्त किया और आज इस मुकाम पर पहुंचा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि, सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।

मोबाइल और व्यसनों से दूर रहने की सलाह
उन्होंने युवाओं को मोबाइल एवं अन्य व्यसनों से दूरी बनाकर अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उनका यह अनुभव उपस्थित युवाओं एवं समाज के लोगों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद रहा। कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ हमें मजबूत बनाती हैं और निरंतर प्रयास करने वालों के लिए सफलता निश्चित होती है। 

लक्ष्य प्राप्त करने कठिन मेहनत करेँ - डॉ. आनंद मतावले
कार्यक्रम में सतनामी समाज के संरक्षक डॉ आनंद मतावले गुरूजी ने कहा कि उच्च तकनीकी चिकित्सा एवं महाविद्यालयीन शिक्षा समय की आवश्यकता है इस लक्ष्य को कठिन मेहनत से प्राप्त करे। समाज को संगठित रहने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद पांडुका थाना के टीआई कृष्ण कुमार जांगड़े ने स्पष्ट रूप से कहा कि नशापान समाज और युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। 

कमजोर बच्चों की मदद करें समाज के मजबूत लोग : दिनेश बंजारे
प्रदेश सचिव दिनेश बंजारे ने कहा कि, जो लोग शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ चुके हैं समाज के कमजोर एवं प्रतिभाशाली बच्चों की मदद करे। सामुहिक प्रयासो से ही समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम को सतनामी समाज छुरा परिक्षेत्र के सचिव डाहरू कोसले ,जिला पंचायत सभापति नंदनी-कोमल ढीढी, डॉ कविता लाल, धनेश्वरी डांडे, रामविशाल ओगरे, गोपचंद बेनर्जी,अध्यक्ष दुलेश्वर घृतलहरे,कार्यकारी अध्यक्ष राकेश मांड्रे, सहदेव बंजारे, मुकेश भारती ने संबोधित किया। 

ये भी रहे उपस्थित
डॉ आनंद मतावले गुरुजी, तुलेश्वर घृतलहरे, सहदेव बंजारे, दुजलाल बंजारे, राकेश मांडरे, कुलदीप बंजारे, मनहरन लाल घोघरे, रामसिंह घृतलहरे, संतोष डहरिया उपाध्यक्ष गण, कोमल ढीढी, किरण टंडन, सनत चेलक, चतुर मंडल, चोवाराम बंजारे, नंदकुमार सक्सेना, कोषाध्यक्ष विष्णु जांगड़े, समाज सेवक राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी, कमलेश बघेल, गौतरिहा चेलक, विनोद टंडन, आशा राम टोंडरे, गणेशु खूंटे. 

झामसिंह सोनवानी, शेखर बांधे, जीतू खूंटे, गोपाल लहरे, कुलदीप घृतलहरे, देवचन्द बांधे, विश्वनाथ सोनवानी, मिलाप बंजारे, खेलन घृतलहरे, रामसागर डहरिया, गोविंद चतुर्वेदी, भोयेश चतुर्वेदी, हिमांशु बघेल, शिवा मांडरे, हेमनारायण मल्होत्रा, नरेंद्र रात्रे, छुरा परिक्षेत्र अध्यक्ष समारू कोसले, लक्ष्मीदास सोनवानी, दीनदयाल टंडन, गौकरण घृतलहरे, बलवंत बघेल, आत्मा राम सोनवानी, धनेश्वरी डांडे, भुनेश्वरी बंजारे, संतोषी, सुनीता चतुर्वेदी, बिमला बघेल, ऋचा रात्रे, कृष्णा भारती, यामिनी बघेल, पंथी नर्तक दल के कलाकारों सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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