रायपुर के हिस्ट्रीशीटर दीपक मुदलियार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। दीपक मुदलियार शराब तस्करी मामले में लंबे समय से फरार था। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के हिस्ट्रीशीटर दीपक मुदलियार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है। दीपक मुदलियार शराब तस्करी मामले में लंबे समय से फरार था। वह जुआ, शराब तस्करी सहित अन्य अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। बताया जा रहा है कि, वह कोर्ट में सरेंडर करने वाला था। लेकिन उसके पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

मिली जानकारी के अनुसार, थाना गंज क्षेत्रांतर्गत जनवरी 2026 में गंजपारा स्थित प्रभात टॉकीज के पीछे भट्ठी क्षेत्र में अवैध देशी मसाला मदिरा के बड़े जखीरे के संबंध में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई थी। पुलिस टीम द्वारा मौके से 42.840 बल्क लीटर अवैध शराब (238 पौवा) एवं ₹3,40,220/- नगद राशि सहित कुल ₹4,28,020/- की संपत्ति जप्त की गई थी।

इन धाराओं के तहत केस हुआ दर्ज 
उक्त प्रकरण में थाना गंज में अपराध क्रमांक 112/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम एवं 112(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अवैध शराब का यह कारोबार संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें कई व्यक्ति मिलकर अवैध भंडारण, परिवहन एवं सप्लाई का कार्य कर रहे थे। पुलिस द्वारा लगातार तकनीकी साक्ष्य संकलन, पूछताछ एवं पतासाजी करते हुए इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया, जिसमें मुख्य सरगना के रूप में दीपक मुदलियार की भूमिका सामने आई।

अब तक हुए गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी
प्रकरण में अब तक कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक कार्रवाई में ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश साहू और गोपाल दास मानिकपुरी को गिरफ्तार किया गया था, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब एवं नगद राशि बरामद हुई थी। जांच के दौरान फरार अन्य आरोपियों में राजेश नागेश और दीप पाल सागर को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अवैध शराब के संगठित नेटवर्क एवं इसके संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुख्य सरगना तक पहुंच बनाई।

मुख्य सरगना की गिरफ्तारी एवं वैधानिक कार्यवाही
प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य सरगना दीपक मुदलियार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। आरोपी लंबे समय से फरार रहकर अवैध शराब के इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपी को दिनांक 30 मार्च 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे धारा 34(2) आबकारी अधिनियम एवं 112(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।