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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोल घोटाले मामले में ईडी ने 100 से अधिक चल- अचल सम्पत्तियां अटैच की है। ED ने आरोपी सूर्यकांत तिवारी समेत सूर्यकांत तिवारी के सहयोगियों की 49.73 करोड़ की सम्पत्तियां कुर्क की है। ईडी पूर्व आईएएस रानू साहू, सौम्या चौरसिया, समीर बिश्नोई, जयप्रकाश मौर्या, राम गोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय और देवेंद्र यादव की संलिप्तता उजागर कर चुकी। 

प्रेस रिलीज जारी कर ईडी ने बताया कि, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 30 जनवरी को बैंक बैलेंस, वाहन, नकदी, आभूषण और जमीन सहित 100 से अधिक चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है, जिसका कुल मूल्य 49.73 करोड़ रुपये है। ये संपत्तियां सूर्यकांत तिवारी और अवैध कोयला लेवी घोटाले से संबंधित एक मामले में शामिल अन्य लोगों की हैं। ईडी की जांच में पता चला है कि निजी व्यक्तियों का एक समूह, राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों के साथ मिलीभगत करके कोयला ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली में लगा हुआ है। उन्होंने जुलाई 2020 और जून 2022 के बीच परिवहन किए गए कोयले के प्रति टन 25 रुपये का शुल्क लिया। 

540 करोड़ रुपये की हुई जबरन वसूली 

इस अवधि के दौरान, अपराध की कुल आय (पीओसी) 540 करोड़ रुपये (लगभग) थी, जो छत्तीसगढ़ में कोयला ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली गई थी। अवैध धन का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने के लिए किया गया था। पीओसी का कुछ हिस्सा चुनावों में भी खर्च किया गया था। शेष धनराशि का उपयोग विभिन्न चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किया गया था। 

कई अधिकारियों की सम्पत्तियां कुर्क 

उल्लेखनीय है कि ईडी ने लगभग 55.37 करोड़ रुपये की कई चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जो पूर्व आईएएस रानू साहू, पूर्व आईएएस समीर बिश्नोई, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की OSD रही सौम्या चौरसिया, जय प्रकाश मौर्य और राम गोपाल अग्रवाल, राम प्रताप सिंह, विनोद तिवारी, चंद्र देव प्रसाद राय, देवेंद्र सिंह यादव, सभी राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्तियों की हैं। जारी जांच के हिस्से के रूप में, ईडी ने 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और विशेष अदालत (पीएमएलए) के समक्ष 26 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ तीन अभियोजन शिकायतें दायर की हैं