रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में डीपीएस दुर्ग जुनवानी का राज्य में दबदबा रहा है। यहां सभी बच्चे अच्छे नंबरों से पास हुए हैं। खास बात यह है कि 45 बच्चों ने 90 प्लस हासिल किए हैं। दो होनहारों ने 99 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल कर टॉप का तमगा पाया है। जुनवानी स्थित डीपीएस दुर्ग के दो होनहार छात्र अथर्व और दिव्या वशिष्ठ ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर स्कूल का नाम राज्य में रोशन किया है।
परीक्षा में कुल 234 विद्यार्थी हुए शामिल
अथर्व ने 99.4 प्रतिशत और दिव्या वशिष्ठ ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है। डीपीएस दुर्ग के बेहतर परिणाम से पूरे स्कूल प्रबंधन में खुशी का माहौल है। स्कूल की प्रिंसिपल पुनीता नेहरू ने बताया कि, 10वीं बोर्ड में उनके डीपीएस दुर्ग का परिणाण शतप्रतिशत रहा। विद्यालय से इस परीक्षा में कुल 234 विद्यार्थी शामिल हुए थे।
पूरे प्रदेश में नाम क्या रौशन
इनमें 184 छात्र प्रथम श्रेणी में पास हुए हैं। 45 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, हैं। 51 विद्यार्थियों ने 80-90 प्रतिशत के बीच अंक हासिल किए हैं। अथर्व ने 99.4 प्रतिशत और दिव्या ने 99.2 प्रतिशत अंक और जायडेन ने 98.2 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
प्रिंसिपल ने टॉपर्स को मिठाई खिलाकर दी बधाई
इसके साथ ही 5 छात्रों ने संस्कृत विषय में, तीन ने जर्मन, 7 ने आर्टिफिशियल इंटेलजेंस, 7 ने गणित एसटीडी, 1 ने विज्ञान, 7 ने सामाजिक विज्ञान और दो छात्रों ने उर्दू विषय में शतप्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। प्रिंसिपल पुनीता नेहरू ने दोनों टॉपर्स को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉक्टर बनना चाहती हैं दिव्या
स्कूल की दूसरी टॉपर दिव्या वशिष्ठ ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, स्कूल के टीचर, अपने माता पिता, अनुशासन और समय प्रबंधन को दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि आगे चलकर वो बड़ी डॉक्टर बने।
बड़ा वकील या बिजनेसमैन बनने का सपना
विद्यालय के टॉपर अथर्व ने हरिभूमि को बताया कि वो अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देना चाहते हैं। उन्होंने हमेशा अपना लक्ष्य को स्पष्ट रखा और नियमित पढ़ाई पर फोकस किया। अथर्व 11वीं में कॉमर्स विषय लेकर पढ़ाई करना चाहते हैं और भविष्य में बड़ा वकील या बिजनेसमैन बनना चाहते हैं। अथर्व के माता-पिता ने भी बेटे की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि अथर्व ने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी और अधिकतर समय सेल्फ स्टडी के जरिए तैयारी की।
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