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राजनांदगाव जिले के डोंगरगढ़ में बीते दिनों रेत चोरी की घटना निकलकर सामने आई थी। जिसे लेकर लगातार कांग्रेस, वर्तमान सरकार पर हमलावर होती दिखाई दे रही थी।

राजा शर्मा-डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव जिले के डोंगरगढ़ में बीते दिनों रेत चोरी की घटना निकलकर सामने आई थी। जिसे लेकर लगातार कांग्रेस, वर्तमान सरकार पर हमलावर होती दिखाई दे रही थी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल रेत चोरी के मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं।

वहीं पूरे मामले में मूढ़पार के ग्रामीणों ने भी डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार विजय साहू पर आरोप लगाते हुए कहा कि, बारिश को देखते हुए उन्होंने अपना घर बनाने के लिए रेत गिट्टी और ईंट का भंडारण किया था। लेकिन नायब तहसीलदार ने रात के अंधेरे में उनके बिल्डिंग मटेरियल की जब्ती बना दी जो की अनुचित है। 

बघेल ने ट्वीट कर साधा निशाना 

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर मामले पर तंज कसा है। वही विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भी दोषियों पर सख़्त कार्यवाही की बात कही है। देखा जाए तो दोनों ही पार्टी के नेता इस मामले को लेकर एक जैसा सुर अलाप रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि, आख़िर इस मामले में दोषी कौन है, जिसकी सह पर करोड़ो रुपये की रेत चोरी हो गई।

कांग्रेस बोली- हमारी जांच टीम ने मौके पर पहुंच कर की जांच 

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजयराज सिंह ने कहा कि, ये मामला इतना बढ़ गया है कि, हमारी पार्टी के प्रदेश स्तर के नेता भी इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला स्तरीय जांच समिति गठित की जो आज धरातल पर स्थिति की जांच हेतु पहुंची। जहां हमारी जांच टीम ग्राम मूढ़पार पहुंच कर सभी ग्रामीणों और ग्राम कोटवार से मुलाकात कर देखा कि, ये पूरी कार्यवाही संदिग्ध है। ये पूरी कार्यवाही अगर सही थी तो रात के अंधेरे में रेत उठाने की क्या जरूरत थी ? रात के अंधरे में रेत तस्करों द्वारा रेत की चोरी की जाती है। ऐसे ही प्रशासन ने भी काम किया है। इससे ये स्पष्ट है कि, ये रेत चोरी का ही मामला है।

गांव में नहीं करायी गई मुनादी 

इस मामले में जब ग्राम कोटवार से हमने रेत की मात्रा जाननी चाही तो उसके द्वारा रेत की सही मात्रा तो नहीं बता पाया। लेकिन उसके दिखाए ख़ाली स्थान से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि, सात से आठ सौ बड़ी हाइवा में रेत चोरी हुई है। जिसकी अनुमानित लागत करोड़ो रुपए आकी जा सकती है। प्रशासन की इस पूरी कार्यवाही संदिग्ध है। क्योकि, अवैध रेत भंडारण को लेकर प्रशासन द्वारा गांव में कोई पूर्व सूचना या मुनादी नहीं की गई और ना ही कोई अवैध रेत खनन की शिकायत दर्ज कराई गई है। इससे ये स्पष्ट होता है कि, आधिकारिक सांठ- गांठ कर जब्ती रेत को बेचा गया है।

एसडीएम उमेश पटेल को शो काज़ नोटिस जारी 

इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक अमला खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है। वर्तमान एसडीएम उमेश पटेल को सो काज़ नोटिस जारी होने के बाद अधिकारी रायल्टी जमा करने में लगे हुए हैं। जबकि रेत संबंधित रायल्टी जमा करना खनिज विभाग का काम है राजस्व विभाग का नहीं। अब अगर दोषियों पर सख़्त कार्यवाही नहीं हुई तो कांग्रेस आगे उग्र आंदोलन करेगी ।

पूर्व भाजपा विधायक बोले- मामला जांच का विषय 

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पूर्व विधायक रामजी भारती ने कहा कि, मीडिया के माध्यम से मुझे जानकारी मिली कि, डोंगरगढ़ एसडीएम ने रेत जप्ती बना कर बेच दी। जिसकी शिकायत मैंने भी कलेक्टर से की थी। जिस पर कलेक्टर ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की है। मैंने जिला खनिज अधिकारी को भी अवगत कराया था। लेकिन उन्हें इस मामले की कोई जानकारी ही नहीं है। इस मामले में एसडीएम की कार्यवाही संदिग्ध नज़र आ रही है। क्युकी रेत जप्ती कार्यवाही के बाद उन्हें खनिज विभाग को सुपुर्द करना था। लेकिन एसडीएम साहब ने ख़ुद रेत जब्ती कर उसे बेचा है जो की जांच का विषय है।

पूर्व भाजपा विधायक बोले- जांच समिति बनाकर कांग्रेस कर रही नौटंकी 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि, कांग्रेस जांच समिति बना कर नौटंकी कर रही है। इस क्षेत्र दोनों विधायक कांग्रेस के हैं और वही रेत चोरी कर बेच रहे हैं। कांग्रेस को जांच समिति बनाने से पहले अपने दोनों विधायकों के संज्ञान में लाना चाहिए। हम भी विधायक रहे हैं पंद्रह साल हमारी सरकार रही है। कभी रेत चोरी का आरोप नहीं लगा है। कांग्रेस जांच दल बना कर जानता को भड़काने का काम कर रही है। पहले दलेश्वर साहू और हर्षिता बघेल को मामले में सामने आना था उनके क्षेत्र का मामला है। इस मामले में निष्पक्ष जांच होना चाहिए। डोंगरगढ़ एसडीएम उमेश पटेल पर भी कार्यवाही होनी चाहिए ।

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