सुकमा। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सुकमा में गुरुवार को अंतरविद्यालयीन विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करना रहा।
मुख्य अतिथि सुकमा जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि, आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और राष्ट्र निर्माता हैं। ऐसी विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और तार्किक सोच को विकसित करती हैं। हमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक और प्रयोगात्मक शिक्षा को भी समान महत्व देना होगा, ताकि विद्यार्थी वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोज सकें।

वैज्ञानिक सोच ही आत्मनिर्भर भारत की नींव
लक्ष्य निर्धारण, निरंतर प्रयास एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि, वैज्ञानिक सोच ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है। अतिथियों ने वैज्ञानिक नवाचार, प्रयोगात्मक शिक्षा और व्यवहारिक अधिगम के महत्व पर प्रकाश डाला। इस विज्ञान प्रदर्शनी में सुकमा जिले के छह प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों-डीएवी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), कन्या शाला शिक्षा परिसर, आईएमएसटी और जवाहर नवोदय विद्यालय सुकमा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी होंगे सम्मानित
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और सभी सहभागी विद्यालयों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत कृषि, स्वास्थ्य विज्ञान एवं आधुनिक तकनीकी उन्नति जैसे विषयों पर आधारित नवाचारी एवं कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक समझ एवं समस्या समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।

ये लोग रहे मौजूद
इस कार्यक्रम का समापन आयोजन समिति द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। कार्यक्रम का सफल समन्वयन मोहम्मद रफ़ी, पीजीटी (जीव विज्ञान) द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थल प्रभारी प्राचार्यबलराम जाटव, वरिष्ठतम शिक्षक राकेश ओझा और रज़िया मोहम्मद शिक्षकगण उपस्थिति थे।









