आकाश पवार- पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रारोड से गेवरा रोड तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य आज पूरी तरह ठप हो गया। इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड की देखरेख में चल रही इस महत्वपूर्ण परियोजना के साइट पर पेटी-ठेकेदारों और मजदूरों ने भुगतान न मिलने के विरोध में काम रोक दिया और अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
यह रेल लाइन, जिसकी लंबाई लगभग 135 किलोमीटर है, कोयला उत्पादन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। परियोजना को मूल रूप से 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक यह काफी पिछड़ चुकी है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो वर्षों से कोई भुगतान नहीं मिला है। करोड़ों रुपये बकाया होने के कारण ठेकेदारों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। सारबहरा क्षेत्र में रेल ट्रैक निर्माण स्थल पर ही ठेकेदारों ने धरना दिया।
पेंड्रारोड से गेवरा रोड तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन के पेटी-ठेकेदारों और मजदूरों ने भुगतान न मिलने के विरोध में काम रोक दिया और अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। pic.twitter.com/ycwO8kKviC
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 18, 2026
बकाया भुगतान करने की मांग
उन्होंने कहा कि इरकॉन जैसी बड़ी कंपनी के बावजूद पेटी-ठेकेदारों और मजदूरों को इतने लंबे समय तक भुगतान के लिए तरसना पड़ रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। इस घटना से परियोजना में और देरी की आशंका बढ़ गई है। अब प्रशासन और इरकॉन प्रबंधन से अपेक्षा की जा रही है कि वे जल्द से जल्द इस विवाद का समाधान करें, बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करें और निर्माण कार्य बहाल करवाएं। अन्यथा क्षेत्र के विकास और कोयला परिवहन पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।









