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पखांजुर में PM आवास योजना के तहत आवास मित्र द्वारा जियोटेक और दूसरी किस्त दिलाने के नाम पर गरीब हितग्राहियों से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है।

सुमित बड़ाई- पखांजुर। गरीबों को पक्की छत देने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना एक बार फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। कांकेर जिले के पखांजुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरोड़ा में आवास मित्र पर खुलेआम हितग्राहियों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

मिली जानकारी के अनुसार, आवास मित्र द्वारा हितग्राहियों को जियोटेक कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जल्द दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक लाभार्थी से 1000 रुपये की वसूली की गई। मामला यहीं नहीं रुका, एक पैरालाइज्ड व्यक्ति से भी 2000 रुपये की मांग की गई, असमर्थता जताने पर उससे 500 रुपये लेकर छोड़ा गया।

पैसा लिया, वादा किया… फिर गायब
आवास मित्र ने पैसा देने पर 15 दिनों के भीतर दूसरी किस्त खाते में जमा होने का भरोसा दिलाया। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी राशि नहीं आई। जब हितग्राहियों ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, तो आवास मित्र ने कॉल उठाना तक बंद कर दिया। हैरानी की बात यह है कि, पूरे मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी अब तक अनजान बने हुए हैं। गरीब और जरूरतमंद हितग्राही न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

जियोटेक जैसे तकनीकी प्रक्रियाओं के नाम पर वसूली
जिस योजना के जरिए कच्चे मकानों में रहने वाले गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने का सपना दिखाया गया था, उसी योजना में जियोटेक जैसे तकनीकी प्रक्रियाओं के नाम पर जेब भरने का खेल सामने आना बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि, इस खबर के सामने आने के बाद उच्च अधिकारी वसूली में लिप्त आवास मित्र पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या गरीब हितग्राहियों को उनका हक मिल पाएगा या नहीं।
 

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