राहुल यादव - लोरमी। मुंगेली जिले के लोरमी विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। चकदा गांव के प्राथमिक स्कूल की छत पूरी तरह जर्जर होकर सिर्फ एक लकड़ी के खंभे के सहारे टिकाई गई है। हालात इतने खराब हैं कि मासूम बच्चे रोज़ हादसे के डर के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्रशासन की लापरवाही पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई आखिर कब होगी।
स्कूल की छत किसी भी क्षण गिर सकती है
चकदा गांव के प्राथमिक स्कूल की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसकी पूरी छत एक पतले लकड़ी के खंभे पर टिकी हुई है। गांववालों का कहना है कि यह खंभा कभी भी टूट सकता है, जिससे बड़ा हादसा होना तय है। फिर भी, मजबूरी में बच्चे इसी टूटी-फूटी इमारत में पढ़ने आते हैं।
मुंगेली के लोरमी क्षेत्र में जर्जर स्कूल की छत एक लकड़ी के सहारे टिकी, बच्चे रोज़ जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल।@MungeliDist #brokenschoolbuilding #childrenrisk pic.twitter.com/qPWbV7hLNS
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 8, 2026
बच्चों के सिर पर मंडरा रहा मौत का साया
स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे हर दिन अपनी जान दांव पर लगाकर क्लास में बैठते हैं। बच्चों के अभिभावक बेहद डरे हुए हैं, लेकिन शिक्षा बंद न हो जाए इसलिए वे उन्हें भेजने को मजबूर हैं। स्थिति ऐसी है कि ज़रा-सी बारिश या हवा भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।
प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। अब सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है? क्या मासूमों की जान जाने के बाद ही होगा स्कूल का सुधार? गांव के लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल की तुरंत मरम्मत या नई इमारत बनाने की मांग
ग्रामवासियों का स्पष्ट कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि या तो स्कूल की इमारत तुरंत मरम्मत की जाए या फिर नई इमारत का निर्माण किया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
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