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कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। बहुचर्चित जिला सहकारी बैंक शाखा बलौदाबाजार में लाखों रुपये का गबन करने वाले आरोपी को तीन साल जेल की सजा मिली। दरअसल, आरोपी ने बैंक से 3 करोड़ 45 लाख रुपये का गबन किया था। 

इस मामले का खुलासा दो साल पहले हुआ था। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला बलौदाबाजार ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन साल जेल की सजा सुनाई है। 

ये है पूरा मामला 
गबन का राज भी बड़े दिलचस्प तरीके से खुला। आरोपी लेखापाल ने जब अपने ही बैंक की उपभोक्ता मृत बैसाखिन बाई गेंडरे के खाते से 13 मई 2022 को एक लाख और एक माह बाद 14 जून 2022 को 4900 रुपए निकाल लिए। जिसका मैसेज जब घर के मोबाइल पर गया तो परिजन इसकी जानकारी लेने बैंक पहुंचे। जहां पर शाखा प्रबंधक को फोन में आए बैंक के मैसेज को दिखाते हुए बताया कि, उसकी मां की मौत हो चुकी है और उनके खाते से दो बार पैसा निकाल लिया गया है। मैसेज को देखकर शाखा प्रबंधक भी आवक् रह गया और इसकी जांच की तो पता लगा कि, बैंक के लेखापाल सूरज साहू ने ये पैसे निकाले। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने उपभोक्ता को पैसे जमा करने के निर्देश दिए। 

प्रबंधक ने जांच कराई तो हुआ मामले का खुलासा 

इस पर भी आरोपी ने अधिकारी को गुमराह करने के लिए बैंक के दूसरे खाते से मृत बैसाखिन बाई गेंडरे के खाते में पैसे डाल दिया। जब इसकी जानकारी प्रबंधक को हुई तो उन्होंने बैंक के सभी खातों की जांच की, जिसमें गड़बड़ी का खुलासा हुआ। तब प्रबंधक ने इसकी सूचना मुख्यालय को देकर जांच कराई। जांच में पता लगा कि, आरोपी लेखापाल ने चार सालों में बैंक को लगभग 3 करोड़ 45 लाख रुपये का चूना लगाया था। जिसमें वटगन बैंक से 3 करोड़ 23 लाख तो बलौदाबाजार ब्रांच से 21 लाख से ज्यादा के पैसे गबन किया था। 

गबन किए गए पैसे जुए और सट्टे में उड़ाए 

बता दें कि, आरोपी लेखपाल सूरज सोनी को सट्टा और जुआ खेलने की आदत थी। वह गबन किए गए सारे पैसे जुआ और सट्टे में हार गया है। पुलिस ने आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन पैसे रिकवर नहीं कर पाई।