एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी थाना क्षेत्र, कांकेर- बस्तर, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा से सटे नैनगुढा- कोहकाटोला की पहाडी में पनाह लिए नक्सलियों के साथ सोमवार दोपहर हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल के जवानों को बस्तर से लूटा हुआ इंसास राइफल और नक्सलियों का अहम पत्र बरामद हुआ है।
पुलिस नक्सली मुठभेड़ को लेकर सोमवार की दोपहर 1:30 बजे एसपी वाईपी सिंह ने खुलासा करते हुए आरकेबी डिवीजन कमेटी के शेष बचें नक्सलियों को हथियार सहित सरेंडर करने का अंतिम आह्वान किया है। पुलिस अधीक्षक वाईपी सिंह ने बताया कि, थाना औंधी क्षेत्र के अंतर्गत कोहकाटोला जंगल क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। पता चला था कि, 4-5 नक्सली हथियार लेकर क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना पर तत्काल औधी थाना स्टाफ, सीएएफ, आईटीबीपी डीआरजी बल एवं कांकेर पुलिस की तरफ से डीआरजी के जवानों को रवाना किया गया।
पुलिस टीम को देख सामान छोड़कर भागे नक्सली
सर्चिंग के दौरान कोहकाटोला जंगल में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी की गई। इसी दौरान पुलिस टीम को देखकर नक्सली घने जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर भागने लगे। पुलिस टीम द्वारा उनका पीछा किया गया, किंतु जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण नक्सली हथियार, राशन, दवाई, अहम नक्सल दस्तावेज छोड़कर जंगल की आड़ लेते हुए मौके से भाग गये।

कहा से लूटा गया कौन सा हथियार बरामद हुआ
बस्तर के दुर्गुकोदल से लूटा गया था हथियार -1 नग इंसास राइफल, मैगजीन जिसमें 15 नग जिंदा कारतूस, पावर बैंक, दवाइयां, बैग, खाद्य सामग्री एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद कर जब्त की गई है। बरामद किए गए इंसास रायफल नक्सलियों द्वारा सन् 2010 में कांकेर जिला थाना दुर्गकोंडल के क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भुस्की से लूटा गया था। मुठभेड़ में शामिल नक्सलियों में राजे, मंगेश, हिडमे एवं अन्य के विरुद्ध विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 10, 13, 18, 20, 38(1)(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत औधीथाने मे प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
औधी इलाके से शुरू हुआ नक्सलवाद, वहीं से समाप्त करने की तैयारी-
जानकारी के मुताबिक वर्ष 1985 के आसपास आंध्र प्रदेश से नक्सलियों का प्रवेश बस्तर जिले से होते हुए मानपुर के दक्षिणी भाग में हुआ। औधी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बार प्रवेश किया और अपना आधार बनाना शुरू किया। नक्सलियों ने अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पहले इस क्षेत्र के घने जंगलों पगडंडियों एवं रास्तों का सर्वे किया, फिर धीरे-धीरे समय के साथ भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करना शुरू किया।
रविवार को औंधी क्षेत्र में मुठभेड़ में बस्तर से लूटा हुआ हथियार और नक्सलियों का अहम पत्र पुलिस के हाथ लगा है। सोमवार को एसपी ने नक्सलियों से समर्पण की अपील की है। @MMACDistrict_CG #Chhattisgarh #Naxal @BastarDistrict pic.twitter.com/DJy5DPXie6
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 16, 2026
नक्सलियों ने कांकेर बस्तर, महाराष्ट्र राज्य की सीमा से सटे औंधी से लेकर बकरकट्टा तक के सीमावर्ती ग्रामों में अपना आधार बनाया, जो मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के लिए दर्द और आतंक का पर्याय बना रहा। अब नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के साथ औधी के इस हिस्से में ही गिनती के शेष बचे नक्सली छुपे फिर रहे हैं अब माओवादियों के पास दो ही विकल्प है आत्मसमर्पण या एनकाउंटर।
पुलिस अधीक्षक ने ली सुरक्षा की जिम्मेदारी
31 मार्च की समय-सीमा नक्सलवाद को लेकर सरकार के सख्त फैसले के बीच पुलिस अधीक्षक वाईपी सिंह ने मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी जिले में कुल 6 शेष बचे नक्सलियों से आत्मसमर्पण के लिए आखिरी आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गांव के पटेल कोटवार या आंचलिक पत्रकारों से मदद लेकर हथियार सहित आत्मसमर्पण कर दें जिले की पुलिस उन्हें पुरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।और आत्मसमर्पण नीति का पूरा फायदा उन्हें दिलाया जाएगा।








