एनिशपुरी गोस्वामी - मोहला। छत्तीसगढ़ के बजट 2026 पर इंद्रशाह मंडावी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार पर क्षेत्रीय उपेक्षा और अधूरी घोषणाओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, बजट से प्रदेश के युवाओं, किसानों और आम जनता में गहरी निराशा फैल गई है। ट्रिपल इंजन सरकार से लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट उम्मीदों के विपरीत निकला है।
बस्तर-सरगुजा पर फोकस, मोहला-मानपुर की अनदेखी
विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि मोहला-मानपुर में उद्योग के तहत मक्का प्रोसेसिंग यूनिट का भी घोषणा किया गया था परंतु बजट में कोई जिक्र नहीं है। खड़गांव में पॉलिटेक्निक महाविद्यालय का प्रमुख मांग शामिल किया गया था किंतु भाजपा शासन की प्राथमिकता से बाहर है। लंबे समय से स्कूल के रसोइया हड़ताल में है जिससे बच्चों को सुखा अनाज परोसा जा रहा है, सरकार इनकी भी नहीं सुनी हैं।
मोहला-मानपुर में स्वयं मुख्यमंत्री जी के द्वारा सीतागांव में मक्का प्रोसेसिंग यूनिट एवं मानपुर में अंतर्राज्यीय बस स्थानक का घोषणा किया गया है परन्तु उसके लिए भी बजट में कोई राशि प्रावधानित नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री जी अपने ही घोषणाओं को भी मूर्त देने में असहाय साबित हुए है।
बजट में कई योजनाएँ बेअसर, भ्रष्टाचार की आशंका
विधायक मंडावी ने कहा कि, बजट में ऐसी कई योजनाओं को राशि दी गई है जिनकी उपयोगिता बेहद कम है। उनके अनुसार ये योजनाएँ केवल कागज़ी हैं और इनके माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया कि मोहला-मानपुर में लंबे समय से स्कूल के रसोइये हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, जिससे बच्चों को सुखा अनाज परोसा जा रहा है।
महंगाई, धान खरीदी, बिजली और रोजगार- किसी पर स्पष्ट नीति नहीं
विधायक ने कहा कि बजट जमीनी समस्याओं के समाधान की बजाय आंकड़ों का पुलिंदा प्रतीत होता है। उन्होंने प्रमुख मुद्दों पर सरकार से सवाल किए-
- धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था कहां है?
- बढ़ती महंगाई से राहत क्यों नहीं?
- बिजली दरों में नियंत्रण का कोई प्रावधान क्यों नहीं?
- युवाओं को स्थायी रोजगार देने का रोडमैप कहां है?
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी बढ़ रही है, किसान लागत और लाभ के अंतर से जूझ रहे हैं, व्यापारी आर्थिक दबाव में हैं, लेकिन बजट में इनके लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की उपेक्षा क्यों?
विधायक मंडावी ने कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और कृषि एवं वनोपज पर आधारित है, पर बजट में-
- सिंचाई विस्तार
- ग्रामीण सड़कों का सुदृढ़ीकरण
- स्वास्थ्य सुविधाओं का उन्नयन
- स्थानीय उद्योगों के प्रोत्साहन
जैसे बुनियादी प्रावधान नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में महाविद्यालय की आवश्यकता है, और इसे व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, लेकिन बजट में इसकी अनदेखी है।
35 हजार शिक्षक भर्ती और बीएड अभ्यर्थियों की उपेक्षा
विधायक मंडावी ने सरकार की शिक्षक भर्ती पर भी सवाल उठाए और कहा सदन में 35,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा हुई थी लेकिन आज तक कार्यवाही शुरू नहीं हुई, बीएड अभ्यर्थी और संविदा कर्मियों की हड़ताल जारी है बजट में इनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में उसका जिक्र तक नहीं है।
मोदी की गारंटी पर अमल नहीं
मंडावी ने कहा कि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए बजट में न तो कोई नई योजना है और न ही मौजूदा योजनाओं को मजबूत करने का प्रयास। उन्होंने कहा कि, मोदी की गारंटी पर भी कोई अमल नहीं किया गया है, जिससे जनता में निराशा बढ़ रही है।








