A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

रायपुर। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने हरिभूमि को बताया है कि इस नक्सल विरोधी अभियान में जितने भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, उन्हें उनकी भूमिका के अनुरूप इनाम की राशि में से हिस्सा दिया जाएगा। कांकेर जिले के थाना छोटे बेटिया के कलपर क्षेत्र में यह नक्सली मुठभेड़ की घटना 16 अप्रैल को हुई थी। इस घटना में मारे गए थे। इनमें पुरुषों के अलावा 29 नक्सली हरिभाम प महिला नक्सली भी शामिल थीं।

 इस घटना के संबंध में जानकारों का दावा है कि यह देश की पहली ऐसी मुठभेड़ है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। इससे पहले गढ़चिरौली महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में 26 नक्सलियों की मौत हुई थी। यह घटना महाराष्ट्र के पूर्वी जिले गढ़चिरौली में मुंबई से 900 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। इसी तरह ओडिशा के रामगढ़ में 2016 में हुई मुठभेड़ में 27 नक्सलियो को मारने का रिकार्ड बना था।

सबसे बड़ा इनामी 11 लाख का

कांकेर जिले में 16 अप्रैल को हुई नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया शंकर राव भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी का डीवीसी सदस्य और उत्तर बस्तर डिवीजन मास प्रभारी था। उस पर 8 लाख रुपए का इनाम था। उसके पास से एके 47 बंदूक बरामद की गई थी। इसी तरह पुलिस कार्रवाई में मारा गया रवी उर्फ बचून भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी के पीपीसीएम एसएमसी दस्ते का कमांडर था। वह ग्राम औकेमपाल थाना गंगालूर जिला बीजापुर में सक्रिय होकर वारदातों में शामिल था, उस पर 10 लाख रुपयों का इनाम घोषित था।

कई नक्सली लाखों के इनामी थे

इस मुठभेड़ में मारे गए कई नक्सली ऐसे हैं जिन पर पांच से आठ लाख रूपए तक का इनाम घोषित था। इनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं भी शामिल थी। एक महिला नक्सली रीता सलामे भी इनमें शामिल थी, जो नक्सलियों के लिए डॉक्टर का काम करती थी। उस पर पांच लाख रुपए का इनाम था, उसके कब्जे से इसांस रायफल मिली है, रायफल पर इनाम डेढ़ लाख रुपए था। इसी तरह विनोद गावड़े पर पांच लाख रुपए का इनाम था उसके कब्जे से एसएलआर रायफल मिली है जिसकी कीमत डेढ़ लाख रूपए आंकी गई है। सुखलाल उर्फ पद्दा भी पांच लाख का इनामी और उसके कब्जे से सिंगल शॉट बंदूक मिली है जो 30 हजार रुपए की है। रमेश ओयाम आठ लाख रुपए का इनामी, बदरु बाडसे 8 लाख का इनामी था उसके कब्जे से 303 रायफल मिली जो 75 हजार रुपए की है। अनिता उसेंडी एक महिला नक्सली जो 8 लाख रूपए की इनामी थी। रंजीता पांच लाख की इनामी, गीता पांच लाख, सुरेखा, कविता, रोशन उर्फ कोसला कार्तिक उर्फ सोनू, शर्मिला पर एक-एक्क लाख का इनाम था। गीता कर्मा, भुमे उर्फ सुनीता, लालू उर्फ अविनाश, बजनात पड़ा, जैनी उर्फ जेन्नी, जीनू उर्फ गुड्डू, सुनिला मडकाम, सीताल उर्फ सीताराम, राजू कुरसम, शीला उर्फ शीलो और देवाल पर 8-8 लाख का इनाम था। पिंटू उर्फ पिंटो दो लाख का इनामी था।