अजय सूर्यवंशी- जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर वनमंडल के बगीचा वन रेंज ऑफिस की उदासीनता के कारण रिहायशी इलाकों, स्कूली बच्चों और पर्यटन स्थलों पर मधुमक्खियों का आतंक बढ़ गया है। नगर पंचायत बगीचा अंतर्गत फॉरेस्ट ऑफिस से लगा हुआ प्राथमिक शाला के स्कूली बच्चे, हॉस्पिटल के मरीज और नागरिकों के लिए मधुमक्खी हमले का खतरा मंडरा रहा है।
बीते वर्ष बगीचा नगर में मधुमक्खीयो के आतंक से कई लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद वन अमला अपनी कुंभकर्णी नींद से जागा और शहर के प्रमुख चौक चौराहे, बस स्टैंड, सरकारी दफ़्तर के बिल्डिंग से मधुमक्खी छत्ते को हटाया गया था। अब बगीचा रेंज ऑफिस के आसपास में सतर्कता बोर्डों की कमी और समय पर छत्ते न हटाने से जनजीवन खतरे में है। वन विभाग की लापरवाही से स्थानीय लोगो मे जमकर आक्रोश देखा जा रहा है।
जशपुर जिले के बगीचा वन रेंज ऑफिस की उदासीनता से रिहायशी इलाकों, स्कूल और अस्पताल के आसपास मधुमक्खियों का खतरा बढ़ गया है. @JashpurDist #Chhattisgarh #Bees pic.twitter.com/FWfOt2Y4Qu
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 11, 2026
कई बार मधुमक्खियों के डंक से गंभीर स्थिति हो गई- स्थानीय लोग
स्कूली बच्चे और शिक्षक का कहना है कि, गर्मी बढ़ने के बाद अक्सर मधुमक्खी हमलावर नजर आती हैं। हल्की सी चूक वहां मौजूद इंसान के लिए मुसीबत बन जाता है। कई बार मधुमक्खियों के डंक से गंभीर स्थिति हो जाती है। बताया जा रहा है कि, गर्मी में मधुमक्खियां गंध और नई जगह की तलाश में रहती हैं। कई बार तेज धूप में हवा चलने से भी मधुमक्खी हमलावर हो जाती है।
जशपुर जिले के बगीचा वन रेंज ऑफिस की उदासीनता से रिहायशी इलाकों, स्कूल और अस्पताल के आसपास मधुमक्खियों का खतरा बढ़ गया है। @JashpurDist #chhattisgarh #Bees pic.twitter.com/7eyUoICSGc
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