जांजगीर। कहते हैं कि, गुरु यदि ज्ञानी हो तो शिष्यों को काबिल बना ही लेता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जांजगीर जिले के तागा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्यायाम शिक्षक चंद्रशेखर महतो ने।
तागा के स्कूल में श्री महतो रग्बी खेलने का प्रशिक्षण देते हैं। हालांकि वहां न तो समुचित मैदान है, ना ही खेलों के दौरान उपयोग किए जाने वाले सुरक्षा उपकरण। यहां तक कि, कई छात्र-छात्राओं के पास तो अभ्यास के दौरान जूते तक नहीं होते। लेकिन कुशल प्रशिक्षक के नेतृत्व में तागा स्कूल के विद्यार्थी राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक रग्बी के खेल में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

राज्य स्तर पर 80 और राष्ट्रीय स्तर पर 22 खिलाड़ी खेले
प्रशिक्षक शेखर महतो बताते हैं कि, उनके स्कूल से अब तक लगभग 80 छात्र-छात्राएं राज्य स्तरीय और लगभग 22 बच्चे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल चुके हैं। वे बताते हैं कि, संसाधनों की कमी के बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सीमित संसाधनों में भी बच्चों ने रग्बी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।

नेशनल स्पर्धा में सेमीफाइनल तक पहुंची टीम
राष्ट्रीय शालेय रग्बी स्पर्धा दिल्ली में अंडर 19 लड़कियों की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची। निशा साहू, जो पिछले वर्ष अभ्यास के दौरान कॉलर बोन फ्रैक्चर का शिकार हुई थीं, उसने रिकवरी के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रागिनी भैना और ललिता ने भी टीम को मजबूती दी। अगले अप्रैल माह में भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली अंडर 17 और अंडर 14 की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी जिले के खिलाड़ी शामिल होंगे। अंडर 17 लड़कियों में साधना और मुस्कान भैंना तथा लड़कों में सत्यजीत भैना (अंडर-17) और जयप्रकाश भैना (अंडर-14) दमखम दिखाएंगे।

संसाधनों की भारी कमी के बावजूद उत्साह बरकरार
कोच श्री महतो ने बताया कि, उनके पास रग्बी के उपकरणों की कमी है। चेस्ट गार्ड, टूथ गार्ड और हेड गार्ड पर्याप्त नहीं हैं। यहां तक कि, शूज और बॉल भी कम हैं। मैदान का हाल भी ठीक नहीं है। 4-5 एकड़ में फैले मैदान को मरम्मत की आवश्यकता है। इसके बावजूद महतो सुबह और शाम दोनों समय बच्चों को अभ्यास कराते हैं। एक बार में 7 खिलाड़ी मैदान में खेलते हैं, जबकि 30-40 बच्चे बारी-बारी से अभ्यास करते हैं। वे कहते हैं कि, यदि संसाधन मिल जाएं और मैदान दुरुस्त हो जाए तो यहां के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।

प्रदेश स्तर पर सालों से चैंपियन बन रहीं यहां की टीमें
महासमुंद में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय रग्बी प्रतियोगिता में बालक और बालिका दोनों वर्गों में जिले की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। लड़कियों में साधना केंवट, मुस्कान भैना, शेफाली चौहान, कृतिका आदित्य और बबीता महंत ने बेहतरीन खेल दिखाया। बालक वर्ग में सत्यजीत भैंना, पारस केवट, निखिल केवट, रोशन कश्यप और नोहर भैना विजेता रहे। जगदलपुर में अंडर 19 प्रतियोगिता में लड़कियों ने गोल्ड और लड़कों ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
बलौदा बाजार में अंडर 14 वर्ग में भी जिले के खिलाड़ी शीर्ष पर रहे। नागपुर में नेशनल रग्बी प्रतियोगिता में जिले की टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। अंडर 14 लड़कियों की टीम में साधना केवट, रीना कश्यप, वर्षा श्रीवास, दीपिका साहू, शिफाली चौहान, कृतिका आदित्य, प्रियंका धीवर, प्रतिज्ञा धीवर, बबीता महंत, सीमा यादव, खुशबू और पूनम कौशिक शामिल थीं।









