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गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा में पीएम आवास योजना के तहत रिकॉर्ड में 12 हितग्राहियों को मकान और राशि जारी दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में उन्हें आज तक आवास नहीं मिला।

गोरेलाल सिन्हा- गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अज़ब गजब गड़बड़ी होने का मामला तीन माह बाद भी सुलझ नहीं पाया है। पात्र होने के बावजूद 12 हितग्राही आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। दूसरी ओर प्रशासन समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का ढिंढोरा पीट रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

दरअसल, नगर पंचायत कोपरा के कई हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में पहले से लाभ प्राप्त हितग्राही के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं। शासन के अभिलेखों में उनके नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है, जबकि वास्तविकता यह है कि, इन लोगों को आज तक आवास नहीं मिला है।

1विभागीय अभिलेखों से हटाए गए नाम
पीड़ित हितग्राहियों ने 09 दिसंबर 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की थी। शिकायत के बाद हुई जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि, संबंधित हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इसके बावजूद तीन माह बीत जाने के बाद भी विभागीय अभिलेखों से उनके नाम नहीं हटाए गए हैं।

विभागीय लापरवाही और तकनीकी त्रुटि के कारण परेशानी
नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत अन्य लोगों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। वहीं सर्वे सूची में पहले स्थान पर होने के बावजूद ये पात्र हितग्राही योजना से वंचित हैं। हितग्राहियों का आरोप है कि, विभागीय लापरवाही और तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है।

अभिलेखों में बन गया मकान, जमीन पर नहीं
शासन के दस्तावेजों में इन हितग्राहियों के नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है। लेकिन यह मकान कहां बना और किसके द्वारा राशि निकाली गई, इसकी जानकारी तक हितग्राहियों को नहीं है। बताया जाता है कि, जनपद पंचायत फिंगेश्वर में दर्ज अभिलेखों के अनुसार कुछ हितग्राहियों के नाम पर योजना की राशि भी जारी की जा चुकी है। जब हितग्राहियों ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि राशि किसने निकाली और किस खाते में स्थानांतरित की गई।

इन नामों पर दर्ज है आवास का लाभ
शासन के अभिलेखों में होरीलाल चक्रधारी, कमलराम साहू, सुदर्शनलाल, महेंद्र कुमार साहू, दुश्यंत साहू, अशोक कुमार पटेल, धनीराम साहू, गोपाल साहू, प्रकाश निषाद, रामसाय निषाद, मिथलेश कुमार, जीवनलाल साहू और नीरज यादव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दर्ज है। झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ितों का कहना है कि, वे आज भी झोपड़ी और खपरैल के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि, विभागीय त्रुटि या किसी गड़बड़ी के कारण उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया है।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को लिखा पत्र
मामले में प्रशासन का कहना है कि, पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण समस्या आई है। इसके समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखा गया है। हालांकि हितग्राहियों का कहना है कि, केवल पत्राचार से समस्या का समाधान नहीं होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। तीन माह बीत जाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हितग्राहियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

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