रायपुर। पिछली बार की तरह इस बार भी जगदलपुर-रायपुर के बीच फ्लाइट का संचालन एयरलाइंस कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। मंगलवार को पहली उड़ान के दौरान जगदलपुर से आने वाले यात्रियों की संख्या दस भी नहीं रही। वहीं वापसी की फ्लाइट में आधा दर्जन यात्री भी सवार नहीं हुए। यह फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी और इसकी शुरुआत हैदराबाद से होगी।
दो साल ब्रेक के बाद हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट वापस ट्रेक पर आई है। 31 मार्च मंगलवार को उसकी पहली उड़ान संचालित हुई। अलायंस एयर की एटीआर-72 अपने निर्धारित समय पर रायपुर में लैंड हुई और वापसी के दौरान 36 मिनट लेट से टेकऑफ हुई। सूत्रों के अनुसार इस फ्लाइट में जगदलपुर से रायपुर आने के लिए दस से कम यात्री सवार हुए थे, वहीं वापसी के दौरान पैसेंजरों की संख्या और नगण्य थी।
क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत संचालित होने वाली फ्लाइट की सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की कम संख्या होती है। इस फ्लाइट के नियमित संचालन में भी इसी तरह की समस्या सामने आ सकती है। अधिकारिक सूत्रों का तर्क है कि अभी परीक्षाओं का सीजन चल रहा है, इसलिए यात्रियों की संख्या कम है। आने वाले दिनों में जब गर्मियों की छुट्टी होगी, तो यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। यह फ्लाइट अभी सप्ताह में तीन दिन मंगल, गुरु और शनिवार को संचालित होगी। एयर लाइंस कंपनी पहले भी इस सेक्टर में विमान उड़ा चुकी है।
क्षेत्रीय उड़ान में तीन शहर
अमी क्षेत्रीय उड़ान योजना में रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से तीन शहर जगदलपुर अंबिकापुर और मध्यप्रदेश का रोया कनेक्ट हुए हैं। इन शहरों से अलग-अलग शेड्यूल में फ्लाइट आवाजाही करती है। कुछ समय पहले ओडिशा के उत्केला से भी रायपुर को एयर कनेक्टिविटी दी गई थी। यात्रियों से बेहतर रिस्पांस नहीं मिलने की वजह से इसका संचालन काफी समय से स्थगित कर दिया गया है।