बलौदाबाजार। शहर के जिला ऑडिटोरियम में शनिवार को हरिभूमि एवं आईएनएच ग्रुप के जिला संवाद कार्यक्रम में प्रदेश की राजनीति, विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर खास चर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा आमने-सामने हुए। दोनों के बीच बेबाक हुए। दोनों के बीच बेबाक सवाल-जवाब हुए। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने अपने राजनीतिक सफर, सरकार की नीतियों, विपक्ष पर आरोपों और जिले के विकास कार्यों को लेकर खुलकर अपनी बातें रखीं। प्रस्तुत है जिला संवाद के प्रमुख अंश-
प्रश्न- आपने कहा मैं उनसे सीखता हूं, लेकिन जो सफलता आपको मिली है, वो वह भी जानना चाहते हैं कैसे मिली।
उत्तर- देखिए पद से कोई बड़ा नहीं होता यह मेरा मानना है। मुझे यह एक अवसर अच्छा काम करने का दिया गया है। इन्हीं से मुझे यह अवसर मिला, जिसमें क्षेत्र और प्रदेश के विकास के लिए उसमें हम पीछे नहीं हटेंगे।
प्रश्न - दो साल पहले आप लोगों को अवसर क्यों मिला।
उत्तर- देखिए डॉ. रमन सिंहजी ने पिछले 15 सालों तक छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया, उनके नेतृत्व में प्रदेश में आमूल चूल परिवर्तन हुआ, जिससे प्रदेश की दिशा और दशा बदली। पिछले 5 सालों में हम स्वीकार करते हैं हममें कुछ कमियां रह गई। कही कुछ गलतियां रही होगी, जिसके कारण जनता ने हमें ठुकरा कर कांग्रेस को अवसर दिया था। 5 साल में जनता ने देख लिया कांग्रेस ने क्या किया। फिर से जनता को लगा बीजेपी का कार्यकाल अच्छा था तो फिर से जनता ने हमें मौका दिया।
प्रश्न - कांग्रेस ने क्या किया जो जनता को गलत लग गया?
उत्तर- मैं कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं, मैं सकारात्मक सोच रखता हूं। जितना सोचता हूं, उस हिसाब से ऐसे कुछ कार्य कांग्रेस ने किए, जिसकी वजह से जनता ने उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस ने पीएससी की परीक्षाओं में आमजन गरीबों का हक मारा, जिसकी वजह आज सब जेल में है। मां, बाप, अपना पेट काटकर अपने बच्चों को पीएससी की तैयारी करवाते हैं, लेकिन इनके अधिकारी और नेता द्वारा अपने बेटे बहू, दामाद का चयन करवाया गया। जो पात्र थे उनका चयन नहीं हो पाया और आज सब जेल में हैं। स्वामी आत्मानंद स्कूल की बात कर रहे थे कि हमारी सरकार ने बंद करवा दिया, हमारी सरकार ने आत्मानंद स्कूल को पीएम श्री आत्मानंद स्कूल में बदल दिया। दो-दो करोड़ रुपए उन स्कूल को दिया गया। शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले मंत्री हैं, जो इतने दिनों जेल में रहे। इन्होंने बोरे बांसी जैसी योजना में सात करोड़ खर्च कर दिया। डीएमएफ के घोटाले में इनका डिप्टी सेक्रेटरी अभी भी जेल में है और कई तरह के इन्होंने भ्रष्टाचार किये। गांव में विकास कार्य बंद है की बात हो रही थी जबकि विष्णुदेव साय की सरकार में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। सारी योजनाओं का पैसा आ रहा है। गांव में कहीं भी विकास कार्य बंद नहीं हुए है, प्रदेशभर में विकास हो रहा है। इन्होंने कमीशन के आधार नल जल योजना का काम बांटा, कहीं पानी टंकी बनी, तो कहीं पाइप लाइन नहीं थी। हमारी सरकार आने के बाद अरूण सावजी को विभाग मिला और काफी तेजी से कार्य हुआ। आदिवासी की जमीन हड़पने की बात आयी थी, जबकि अमरजीत भगत ने पहाड़ी जाति के लोगों की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराकर हड़प लिया। हमारी सरकार आने के बाद हमने कहीं भी आदिवासीयों की जमीन को बेचने की अनुमति नहीं दी है।
प्रश्न- दो साल पहले बलौदाबाजार जिले में ऐसा क्या हुआ कि प्रदेश में बीजेपी आयी, लेकिन जिले में आपको छोड़कर बाकी सीटों में कांग्रेस आयी?
उत्तर- राजनीति में बहुत सारे समीकरण होते हैं, जीत और हार के बीच भी कहीं न कहीं कुछ समीकरण बनता है। जनता ने भाजपा की नीति और रीति को देखा तभी प्रदेश में हमारी सरकार बनी। शिवरतन शर्मा हमारे कद्दावर नेता है, आज विधायक नहीं है, फिर भी जनता की चिंता करते हैं।
प्रश्न - शैलेश नितिन त्रिवेदी के विषय में क्या मानना है आपका ?
उत्तर- शैलेश नितिन त्रिवेदी बहुत अच्छे आदमी हैं, जब मैं जिला पंचायत उपाध्यक्ष था, तो वह पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष थे। हम दोनों तिल्दा में एक साथ कार्यक्रम में शामिल होते थे। विधानसभा में टिकट मिलने के बाद अलग-अलग हो गए, उनका कार्यक्रम अलग होने लगा, मेरा कार्यक्रम अलग होता है। वे काफी अनुभवी और कद्दावर नेता हैं। मैं तो कार्यकर्ता हूं।
प्रश्न - अभी जो जिम्मेदारी मिली है, कैसे निभा रहे हैं?
उत्तर- बहुत बढ़िया काम चल रहा है, चाहे हम विभाग की बता करें या क्षेत्र में विकास की बात करें। सीएम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हम कार्य कर रहे हैं। राजस्व विभाग की बात करें, तो राजस्व विभाग के प्रति लोगों का थोड़ा नकारात्मक भाव रहता है। लोगो की मानसिकता है, कि यह राजस्व विभाग है, यहां बहुत भ्रष्टाचार होता है, पटवारी को पैसे दिए बिना काम नहीं होता, उसमें हम कुछ नया बदलाव कर रहे हैं। कई संशोधन भी लाये हैं। इसके माध्यम से हमारा प्रयास है कि हम किसानों को भू मालिकों को सहुलियत दें, ताकि उन्हें तहसील व एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाना न पड़े, उसके परिणाम भी दिख रहा है।
प्रश्न - किसानों को रजिस्ट्री में बहुत पैसा लग रहा है?
उत्तर- भुईया एप पहले से शुरू था, इसमें हमने जियो रिफ्रेनसिंग कराया है। आटो डायवर्सन, आटो नामांतरण और बड़े-बड़े सुधार किए हैं। भूमाफियों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। दो दिन पहले विधानसभा में एक संशोधन पारित हुआ है, जब तहसीलदार से कोई केस खारिज हो जाता है, तो प्रथम अपील एसडीएम के पास करते थे और द्वितीय अपील के लिए कमिश्नर के पास जाना पड़ता था। कमिश्नर के पास जाना हर आदमी के लिए संभव नहीं हो पाता था, धन और समय दोनों लगता था। इसमें संशोधन किया, जिससे अब दूसरी अपील कलेक्टर आफिस में कर सकते हैं। इस तरह से कोशिश कर रहे हैं कि राजस्व विभाग में क्या नया कर सकते हैं, प्रक्रिया में सरलीकरण किया जा रहा है, जिससे किसानों और भू-मालिकों को सुविधा मिल सकें।
प्रश्न - आप जिस जगह पर है, वहां पर जिले के वरिष्ठ नेता शैलेशजी, सुरेंद्र शर्माजी और आपके शिवरतनजी यहां तक नहीं पहुंच पाए, जो दशकों से राजनीति में हैं, आप यहां तक कैसे पहुंच गए?
उत्तर- 2023 के चुनाव में पार्टी नेता द्वारा मुझे अवसर दिया गया। हमारे कार्यकर्ताओं, पार्टी के नेताओं और जनता ने भाजपा पर विश्वास-भरोसा किया। मुझे इस क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। आज मैं जो कुछ भी हूं, पार्टी नेतृत्व के आशीर्वाद से हूं। मैं एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं। राजनीति में मंजा हुआ भी नहीं, राजनीति में मेरा कम समय रहा। मैं एक समाज सेवक के रूप में काम करता रहा हूं। धर्म संस्कृति संस्कार से जुड़ा हूं। मुझे यह कहने संकोच नहीं है कि जिले के कद्दावर नेता जो कई बार नेतृत्व किए और संगठन में अनुभवी है, शिवरतन शर्मा और गौरीशंकर अग्रवाल जी से काफी सीखने को मिलता है। आज मैं यहां हूं, उनका आशीर्वाद है, प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व का आशीर्वाद है कि हम जैसे कार्यकर्ता को मौका मिला। मैं मानता हूं कि आज भी कार्यकर्ता हूं और आने वाले समय में भी कार्यकर्ता रहूंगा।