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धरसींवा के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा की अनुसंशा पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से इलाज के लिए मिलेगी 15 लाख रुपये की सहायता राशि। 

हेमन्त वर्मा- धरसींवा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे ब्लाक मुख्यालय धरसींवा के ग्राम पँचायत मांढर में एक 20 वर्षीय बच्ची कुमारी दीक्षा को चार महीने पहले ही पता चला कि उसे रीढ़ की हड्डी में पाए जाने वाली दुर्लभ बीमारी "बोन मेरो" है। तब से अब तक जूझ रही इस गम्भीर बीमारी से निपटने की परिजनों ने हर कोशिश की मगर इलाज के लिए 20 लाख रुपये और प्रत्यारोपण में 100% डीएनए की जरूरत के आगे परिवार के समक्ष पहाड़ जैसे समस्या आ खड़ी हुई। 

बच्ची की बीमारी के बारे में जानकारी मिलते ही धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने मदद के लिए हाथ बढ़ाते हुए बालिका से मुलाकात कर मुख्यमंत्री सहायता कोष से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर आज पीड़ित बालिका के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान करा ली गई। दीक्षा की तकदीर ने भी साथ दिया और उसके बड़े भाई की 100 प्रतिशत डीएनए मिलान हो गया, जिससे उसका बड़ा भाई सृजन जायसवाल अपनी बहन को बोन मेरो देंगे और ट्रांसप्लांट  के बाद एक बार फिर से बालिका जीवन की उड़ान भरेगी।

एक दिन अचानक पता चला बीमारी का

धरसींवा विधानसभा के ग्राम पंचायत मांढर निवासी श्री लतेल जायसवाल की 20 वर्षीय बेटी कुमारी दीक्षा जायसवाल बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं इनके पिता गांव में एक टेंट पंडाल का व्यवसाय कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। बता दें कि बीते चार माह पहले ही दीक्षा को चक्कर आया और वह गिर पड़ी, तब पता चला कि वह मेजर थैलेसिमिया बोन मेरो से पीड़ित है और उसकी विस्तृत जांच के बाद बीमारी के इलाज के लिए बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। इस इलाज में करीब 15 लाख रुपए का खर्च आएगा। टेंट हाउस और मजदूरी का काम करने वाले लतेल जायसवाल के लिए इतनी बड़ी राशि का इंतजाम सपना ही था।

विधायक अनुज शर्मा बने सेतु

पिछले दिनों धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के पास भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे और विधायक से अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का निवेदन किया। उन्होंने बताया कि, अब मुख्यमंत्री सहायता कोष पर ही एक भरोषा है, जिसे विधायक अनुज शर्मा ही दिला सकते हैं। वे लाख कोशिशों के बाद भी वह इतनी बड़ी राशि का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। जिसे धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा जी ने हालात जानकर तत्काल ही 15 लाख की राशि की व्यवस्था का भरोसा दिलाया। श्री जायसवाल ने इस संवेदनशीलता और सहृदयता के लिए अपने परिवार की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व विधायक अनुज शर्मा का आभार व्यक्त किया है।

क्या है 'बोन मेरो'

बोन मेरो मतलब अस्थि मज्जा हड्डी के बीच जहां खून रहता है उसे कहा जाता है। जब खून के सेल कैंसरग्रस्त हो जाते हैं तो नया खून बनना बंद हो जाता है। इससे शरीर में खून की कमी, हड्डी में दर्द, किडनी में खराबी आ जाती है। कैंसर के कारण स्टेम सेल भी प्रभावित होता है। बोन मेरो ट्रांसप्लांट ब्लड कैंसर के अलावा थैलीसीमिया और अप्लास्टिक एनीमिया से पीडित मरीजों को की जाती है। अप्लास्टिक एनीमिया बीमारी में बॉडी में खून बनना बंद हो जाता है। असल में खून नहीं बनने की दो वजहें होती हैं- एक तो यह कि बोन मेरो खून की कोशिकाएं ही नहीं बनाता और दूसरा यह कि खून की कोशिकाएं बनती तो हैं, लेकिन एंटी बॉडी उन्हें नष्ट कर देती है। 

दीक्षा के माता-पिता 
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