Logo
यूएस-कनाडा की तर्ज पर भारत के स्कूलों में भी दादा-दादी व नाना-नानी दिवस मनाया जाएगा। 

रायपुर। यूएस-कनाडा की तर्ज पर भारत के स्कूलों में भी दादा-दादी व नाना-नानी दिवस मनाया जाएगा। सीबीएसई ने इसे लेकर गाइललाइंस तैयार की हैं। बोर्ड का मानना है कि जनरेशन गैप समाज में एक मसला है और इसे दूर करने के लिए अब स्कूलों में पहल जरूरी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी इन दो पीढ़ियों की बॉन्डिंग को मजबूत करने के लिए 'ग्रैंडपेरेंट्स डे' जैसे दिन सेलिब्रेट करने को गाइडलाइंस बनाई हैं। सभी सीबीएसई स्कूलों में 'ग्रैंडपेरेंट्स डे' कई एक्टिविटीज के साथ सेलिब्रेट किया जाएगा, जहां हर स्टूडेंट अपने दादा-दादी या नाना-नानी के साथ स्कूल आएंगे।

सीबीएसई के इस कदम के तहत सालभर कुछ एक्टिविटी इस कॉन्सेप्ट से जोड़ते हुए आयोजित की जाएगी। यूएस, कनाडा समेत कई देशों में भी 'ग्रैंडपेरेंट्स डे' को ग्रैंडफ्रेंड्स' से जोड़ते हुए बच्चों को उनके परिवार से जोड़ने की मुहिम के असरदार नतीजे मिल चुके हैं। यह सीनियर सिटिजन और बच्चों दोनों के अकेलेपन को दूर रहा है। इसके आधार पर अब यहां भी इस तरह के प्रयोग होंगे।

विशेष दिनों पर होंगे आयोजन
दादा-दादी, नाना-नानी के साथ उनके नाती-पोतों का रिश्ता मजबूत करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) ने सभी स्कूलों को कई तरह की एक्टिविटीज रखने को कहा है। स्कूलों में ऐसे एक्टिविटी रखी जाएंगी जिससे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच बॉन्डिंग बढ़े और जनरेशन गैप कम हो। स्कूलों को कहा गया है कि वो स्वतंत्रता दिवस, बाल दिवस, इंटरनेशनल सीनियर सिटिजंस डे जैसे मौकों पर खास आयोजन रखें और स्टूडेंट्स के दादा-दादी या नाना-नानी को आमंत्रित करें ताकि इन अलग-अलग पीढ़ियों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो। बोर्ड का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी से स्टूडेंट्स की व्यावहारिक समझ, भावनात्मक जुड़ाव, उनके लिए सम्मान और नैतिक मूल्यों का विकास होगा।

बॉन्डिंग मजबूत अकेलापन भी दूर
इससे सीनियर सिटिजंस में अकेलेपन और सामाजिक अलगाव की समस्या भी कम होगी। स्टूडेंट्स को यह भी कहा है कि वे इस तरह की और भी दिलचस्प एक्टिविटी प्लान कर सकते हैं, जिससे दोनों जनरेशन के बीच की नजदीकी बढ़े। सीबीएसई ने स्कूलों को कहा है कि इन इवेंट की पूर्व सूचना संबंधित विभाग अथवा मंत्रालय को भी दी जाए और रिकॉर्ड्स रखे जाएं। स्कूल को 'वॉकथॉन' जैसे इवेंट के आयोजन की भी सलाह दी है, जिनमें ग्रैंड पैरेंट्स अपने पोते-पोतियों व नाती-नातिनों के साथ मिलकर भाग लें।

5379487