दंतेवाड़ा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा के पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर पुनर्वासित युवाओं से संवाद किया। उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रकल टूल एवं वेलकम किट का वितरण किया। पुनर्वास केंद्र में सरेंडर नक्सलियों से हरिभूमि एवं आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने भी संवाद किया।
गृहमंत्री श्री शर्मा ने नवरात्रि के अंतिम दिन दंतेवाड़ा पहुंचकर मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से चर्चा की और उनकी आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

पुनर्वास नीति का उद्देश्य सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, पुनर्वास नीति का उद्देश्य मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं से अपने मुख्यधारा में शामिल होकर उज्ज्वल भविष्य बना सकें। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने अनुमति प्रदान करते हुए कहा कि इच्छुक युवा स्वेच्छा से भोजन बना सकते हैं। श्री शर्मा निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित लाइसेंस बनाना भी सुनिश्चित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री ने अपील की कि यदि उनके परिजन या पहचान के लोग जेल में निरुद्ध हैं तो वे उनसे मिल सकते हैं या वे पुनर्वास केंद्र में आकर साथियों से मुलाकात कर सकते हैं। यदि वे जेल से पुनर्वास करना चाहें तो भी शासन उनकी हरसंभव मदद कर जेल से पुर्नवास कराने को तैयार है।
जवानों से मिलकर बढ़ाया हौसला
गृहमंत्री श्री शर्मा ने दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप पहुंच जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारे सैन्य बलों के शौर्य का ही परिणाम है कि आज बस्तर संभाग में अब तक लोगों की नजरों से छुपे हुए नए नए पर्यटन केंद्रों में पहुंच कर लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। स्थानीय लोगों को इससे रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

मारडूम घाटी मार्ग से पहुंचे दंतेवाड़ा
उपमुख्यमंत्री कभी अति संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते दंतेवाड़ा पहुंचे थे। इसके माध्यम से उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि कभी दुर्गम माने जाने वाले मार्ग भी अब सुगम हो गए हैं। अब लोग बिना किसी भय के रात हो या दिन निर्भय होकर इन पर सफर कर सकते हैं।
प्रशिक्षण ले रहे 107 युवा
वर्तमान में केंद्र में कुल 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिनमें 60 बीजापुर एवं 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 75 युवाओं को सिलाई मशीन का वितरण किया गया है।









