यशवंत गंजीर- कुरुद। जहां मौत का सन्नाटा पसरा होता है, वहां जुआरियों ने अपनी किस्मत की बिसात बिछा रखी थी। हरिभूमि डॉट कॉम की खबर के बाद पुलिस की पैनी नजर ने श्मशान घाट के पास चल रहे उस 'काले खेल' का अंत कर दिया है, जो समाज की रगों में जहर घोल रहा था। ग्राम सेमरा बी के स्टॉप डेम और श्मशान की ओट में रची गई जुए की इस महफिल को भखारा पुलिस ने मटियामेट कर दिया है।
आधी रात, श्मशान घाट और मोबाइल की कृत्रिम रोशनी
जब दुनिया सो रही थी, तब सेमरा बी के श्मशान घाट के करीब कुछ लोग अपनी बर्बादी और दूसरों की कमाई का दांव लगा रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब भखारा पुलिस का दल वहां पहुंचा, तो नजारा चौंकाने वाला था। जुआरी मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर ताश के 52 पत्तों पर 'काट पत्ती' का खेल खेल रहे थे। पुलिस की पदचाप सुनते ही वहां चीख-पुकार मच गई। कुछ शातिर अंधेरे की चादर ओढ़कर भाग निकले, लेकिन 8 जुआरियों को पुलिस ने चक्रव्यूह रचकर दबोच लिया।

पुलिस की इस दबिश में न केवल इंसान, बल्कि उनके अपराध के साधन भी गिरफ्त में आए हैं। जप्त किए गए सामान की फेहरिस्त उनकी रसूख और इस खेल की गहराई को बयां करती है-
- कुल जब्ती: ₹4,20,000/- (चार लाख बीस हजार रुपये) का मशरुका।
- वाहन: 06 (मोटर साइकिलें), 01 स्कूटी और 01 टीवीएस एक्सएल।
- सम्पर्क सूत्र: 08 नग स्मार्टफोन (कीमत ₹76,000/-)
- नगद: ₹9,000/- की नगद राशि फड़ से बरामद

दुर्ग तक फैले थे जुए के तार
पकड़े गए आरोपियों में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि दुर्ग जिले के धुरंधर भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में लोकेश सिन्हा, मयंक, भुपेश्वर, हसन खान, छबि सोनकर, और राजू साहू (भखारा) के साथ दुर्ग के कमलेश सोनकर व राजेश साहु भी कानून के शिकंजे में हैं।
वैधानिक पक्ष : भखारा पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध क्रमांक 28/26 पंजीबद्ध कर लिया है। जिले में शुचिता बनाए रखने हेतु ऐसी कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेगी।








