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छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण में मुख्य अभियंता के रूप में सेवाएं दे रहे केके कटारे के खिलाफ अब आर्थिक अनियमितता के आरोप में ईओडब्लू-एसीबी की जांच का शिकंजा कस सकता है।

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण में मुख्य अभियंता के रूप में सेवाएं दे रहे केके कटारे के खिलाफ अब आर्थिक अनियमितता के आरोप में ईओडब्लू-एसीबी की जांच का शिकंजा कस सकता है। यह विवादित अधिकारी हाल ही में जाति प्रमाणपत्र के मामले में फंसा है। इनके खिलाफ जाति की जांच करने वाली उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने गड़बड़ी पकड़ी और इनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने योग्य माना है, लेकिन अब आर्थिक अनियमितता का मामले में ईओडब्लू-एसीबी के संचालक दर्ज केस में विवेचना के लिए पूर्वानुमोदन मांग चुके हैं। अनुमति मिलने के बाद जांच का शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। इस मामले में एक और अधिकारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है।

ठेकेदार को अनियमित भुगतान
कटारे और तत्कालीन कार्यपालन अभियंता हरि ओम शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुताबिक प्रकरण में हरि ओम शर्मा तत्कालीन कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर एवं केके कटारे, कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान अमरुवा रिकोकला पार्ट-1 एवं पार्ट-2 के अन्तर्गत लगभग 18 लाख रुपए का बाढ़ आपदा योजना अंतर्गत प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त थी। इन कार्यों का प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति के बाद कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर द्वारा स्वीकृत दरों पर अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कसडोल द्वारा पार्ट-1 में 1950 मीटर लम्बाई एवं पार्ट-2 में 1689 मीटर लंबाई में कुल 3639 मीटर लंबाई में कार्य कराया गया, जिसकी कुल दूरी 4 किलोमीटर थी। इस कार्य के लिए ठेकेदार को राशि 6 लाख 28 हजार 47 रुपए आहरण कर भुगतान किया गया था। जबकि कलेक्टर रायपुर की जांच रिपोर्ट के अनुसार इन कार्यों का मूल्यांकन 3 लाख 75 हजार रुपए हुआ था। इस प्रकार 4 लाख 53 हजार 47 रुपए का अतिरिक्त भुगतान दर्शाकर आर्थिक अनियमितता की गई है। इस प्रकरण की विवेचना के लिए पूर्वानुमोदन मांगा गया है।

ये है मामला
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के संचालक अमरेश कुमार मिश्रा ने पूर्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर कटारे और एक तत्कालीन कार्यपालन अभियंता हरिओम शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले का ब्योरा देते हुए यह अनुमति मांगी थी। यह मामला उस समय का है, जब कटारे कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायपुर में सेवाएं दे रहे थे। अभी वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण में मुख्य अभियंता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। आर्थिक अनियमितता के मामले में शिकायतकर्ता मोहन कुरें, निवासी कसडोल की शिकायत पर ब्यूरो में जांच के बाद अपराध क्रमांक 27/2019 धारा 13 (1), 13(2) प्र.नि. अधि. 1980 यथा संशोधित 2018 का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया था।

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