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रायपुर। छत्तीसगढ़ की सीमेंट कंपनियां अब भी बेलगाम हैं। कंपनियों ने सितंबर में कीमत में 50 रुपए का इजाफा किया था। प्रदेश सरकार के दबाव के बाद कंपनियों ने जहां खुले बाजार के दाम 45 रुपए कम किए थे, वहीं नाम ट्रेड में 30 रुपए ही दाम कम किए। सरकार ने साफ चेताया था कि अब कभी भी दाम बढ़ाने से पहले सरकार को इसका कारण बताकर मंजूरी लेनी पड़ेगी, लेकिन सीमेंट कंपनियों पर सरकार का यह दबाव काम नहीं आया है। कंपनियों ने 10 से 15 रुपए तक दाम बढ़ा दिए हैं। हरिभूमि ने दस नवंबर को ही इस खबर का प्रकाशन किया था कि कंपनियां दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं और अब कंपनियों ने दाम बढ़ा भी दिए हैं। कंपनियां वापस 50 रुपए तक दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसको तीन किस्तों में बढ़ाने की योजना है।
सीमेंट कंपनियों के दाम बढ़ाने पर अंकुश प्रदेश सरकार का नहीं है। यही वजह है कि कंपनियों की जब मर्जी होती है, दाम बढ़ा देती हैं। इस बार सितंबर में कंपनियों ने खुले बाजार के साथ ही नान ट्रेड सीमेंट के दाम 50-50 रुपए बढ़ा दिए थे। इसके बाद जहां हरिभूमि ने लगातार खबरों का प्रकाशन किया, वहीं चौतरफा राजनीतिक दबाव के बाद अंततः प्रदेश सरकार ने कंपनियों के साथ बैठक की। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ बैठक में यह तय किया गया कि कंपनियां बढ़े हुए पूरे दाम वापस लेंगी और भविष्य में दाम बढ़ाने से पहले इसका कारण प्रदेश सरकार को बताते हुए पहले मंजूरी लेंगी।
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बिलिंग में खेल
सीमेंट कारोबारियों के मुताबिक, बिलिंग में तो खेल हो रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद कंपनियों ने दाम कम करने की बात जरूर की, लेकिन बिलिंग आज भी पहले के बढ़े हुए दाम पर ही हो रही है। ज्यादातर कंपनियां 300 से 322 रुपए की बिलिंग कर रही हैं। जबकि कीमत कम होने के बाद दाम 250 से 285 रुपए हैं, लेकिन कंपनियां डीलरों को स्कीम देकर दाम कम कर दे रही थी। अब स्कीम में कटौती कर दाम बढ़ाने की तैयारी है। अब 10 से 15 रुपए दाम बढ़ने के बाद कीमत 260 से 300 रुपए हो गई है। यह कीमत थोक सीमेंट की है। चिल्हर में दाम इससे 20 से 30 रुपए ज्यादा हैं।
50 रुपए तक कीमत बढ़ाने की तैयारी
मानसून की बारिश थमने के बाद जब नवरात्रि से लगातार निर्माण कार्य होने लगे तो ऐसे में सीमेंट की डिमांड अपने राज्य के साथ ही बाहर के राज्यों से आने लगी। ऐसे में सीमेंट कंपनियों ने वापस दाम बढ़ाने का काम प्रारंभ करने का प्रयास किया। बीते माह ज्यादातर कंपनियों ने पांच से दस रुपए दाम बढ़ा दिए, लेकिन माल का उठाव ज्यादा न होने के कारण डीलरों ने हाथ खड़े कर दिए तो दाम वापस कम कर दिए गए। अब वापस फिर से दाम बढ़ाने की तैयारी है। पहली किस्त के रूप में अलग-अलग कंपनियों ने 10 से 15 रुपए दाम बढ़ा दिए हैं। ये दाम वापस 50 रुपए तक बढ़ाने की तैयारी है। अगर प्रदेश सरकार की तरफ से कोई एक्शन नहीं हुआ तो एक सप्ताह के अंदर फिर से 10 से 15 रुपए दाम बढ़ा देंगे और फिर तीसरी किस्त में 20 रुपए तक दाम बढ़ाने की तैयारी है।
