पंकज गुप्ते- बिलासपुर। शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। सौम्या ने ईडी और एसीबी/ ईओडब्ल्यू के खिलाफ याचिकाएं लगाई थी। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। आज आए फैसले में सौम्या की याचिका को मंजूर किया गया। यह मामला जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के सिंगल बेंच में लगा था।
दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि, दो महीने पहले ED ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। सौम्या चौरसिया को पूछताछ के लिए रायपुर बुलाया गया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई थी। जिसके बाद स्पेशल कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। तब से वे जेल में बंद थी।
30 मई 2025 को कोयला घोटाले में मिली थी जमानत
30 मई 2025 को कोल लेवी घोटाला और DMF घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया समेत 6 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद आरोपी रायपुर के सेंट्रल जेल से रिहा हो गए, जिसमें निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई भी शामिल थे।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की डबल बेंच ने जमानत याचिका पर सुनवाई की थी।
कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में रहने पर लगाई थी पाबंदी
जस्टिस सूर्यकांत ने सभी आरोपियों को गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते छत्तीसगढ़ में रहने पर पाबंदी लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जिस जगह पर रहेंगे उनका एड्रेस संबंधित थाने को देना होगा। सभी आरोपी लगभग 2 साल से जेल में बंद थे। सौम्या चौरसिया दिसंबर 2022 में गिरफ्तार हुई थी। जानकारी के मुताबिक जमानत पर रिहा होने के बाद सौम्या बेंगलुरु में रह रही थी।










