रायपुर। संसद में आधी आबादी की लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक पारित करने विशेष सत्र आहूत किया गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं का नेतृत्व जिन विधानसभाओं में ज्यादा रहा, उनमें बस्तर से लेकर सरगुजा और कुछ मैदानी क्षेत्र शामिल हैं। गठन के वक्त छत्तीसगढ़ में 6 महिला विधायक थीं, जो करीब 6 प्रतिशत था।
वर्तमान विधानसभा में बढ़कर 19 महिला विधायक हैं, जो कुल विधायकों का 21 प्रतिशत है। लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। राजधानी रायपुर की चारों विधानसभा सीट, बिलासपुर सीट जैसी शिक्षित और जागरूक लोगों के बीच से भी से कभी महिला विधायक नहीं बन पाई। चुनावों की रणनीति के आधार पर बड़े शहर में महिलाएं, पुरुष प्रत्याशियों से पीछे रहीं। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 41 विधानसभा सीटें ऐसी रही जहां महिला विधायक कभी नहीं रहीं।
यहां कभी नहीं रही महिला विधायक
जिन विधानसभा क्षेत्रों में कभी महिला विधायक नहीं रही, उन विधानसभा क्षेत्रों की सूची जिलावार इस प्रकार है:-
रायपुर संभागः रायपुर दक्षिण, रायपुर उत्तर, रायपुर पश्चिम, रायपुर ग्रामीण, अभनपुर, आरंग, राजिम, बिंद्रानवागढ़, कुरुद, भाटापारा
दुर्ग संभागः पाटन, दुर्ग शहर, भिलाई नगर,अहिवारा, साजा, बेमेतरा, नवागढ़, कवर्धा, राजनांदगांव
बिलासपुर संभागः बिलासपुर, बिल्हा, बेलतरा, मस्तूरी, लोरमी, मुंगेली, मरवाही, अकलतरा, जांजगीर-चांपा, जैजैपुर
सरगुजा संभागः अंबिकापुर, सीतापुर, लुंड्रा, रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़
बस्तर संभागः जगदलपुर, बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर, अंतागढ़ और कोंटा विधानसभा शामिल है।
(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)








