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अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध के कारण कई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। हर सेक्टर में महंगाई का झटका लग रहा है। 

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध के कारण कई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। हर सेक्टर में महंगाई का झटका लग रहा है। ऐसे में प्रदेश में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की 30 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। दस हजार करोड़ की सड़कें भी युद्ध की आग में झुलस गई हैं। इसी के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के जो करीब 30 हजार करोड़ के काम चल रहे हैं, वो भी प्रभावित हो गए हैं। इन कामों की रफ्तार मंद हो गई है।

देश के साथ अपने प्रदेश में भी केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं पर मटेरियल के दाम बढ़ने का बड़ा असर पड़ा है। ज्यादातर योजनाओं के काम की रफ्तार धीमी हो गई है। जिन योजनाओं में पहले से मटेरियल रखा है, उसको खपाने के लिए काम चल रह है, लेकिन नया मटेरियल लेने से ठेकेदार कतरा रहे हैं क्योंकि मटेरियल के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं और ठेकेदार अब इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार से बात रहे हैं कि उनको बढ़े हुए दाम के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान भी होना चाहिए, अन्यथा पुराने रेट पर काम करना संभव नहीं होगा। 

पुराने रेट पर काम करना संभव नहीं
बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष रूपेश सिंघल ने बताया कि, 
डामर के दाम जहां करीब डबल हो गए है, वहीं अन्य मटेरियल के दाम भी बहुत बढ़ गए हैं। ऐसे में पुराने रेट पर किसी भी ठेकेदार के लिए काम करना संभव नहीं है। हमने सरकार से बाजार भाव के हिसाब से अंतर का भुगतान करने की मांग रखी है।

डामर ने ऐसा खाया भाव
युद्ध के कारण डामर बहुत ज्यादा भाव खा रहा है। डामर बनाने वाली कंपनियों सरकारी हैं, इसके बाद भी प्रदेश क्या पूरे देश में डामर की कमी हो गई है। डामर की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके पीछे का बड़ा कारण यह है कि इसके दाम आसमान छू रहे हैं। युद्ध से पहले जो डामर 50 हजार रुपए टन था, वह अब एक लाख के पार हो गया है। यहीं नहीं इसमें ठेकेदारों को मिलने वाला डिस्काउंट भी बंद हो गया है।

ये सड़कें भी अटकीं
इस समय प्रदेश में सेंट्रल रिजर्व फंड से दो हजार करोड़ की सड़कों का काम चल रहा है। इसी के साथ लोक निर्माण विभाग का तीन हजार करोड़ की सड़कों का काम है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में दो हजार करोड़ से ज्यादा का काम है। इसी के साथ अन्य कामों को मिलाकर करीब दस हजार करोड़ का सड़कों का ही काम चल रहा है। यह सारा काम
डामर न मिलने के कारण अटक गया है।

शिक्षा मंडल का भवन भी अटका
नया रायपुर में माध्यमिक शिक्षा मंडल का भवन 36 करोड़ में बनना है। इसका दो माह पहले ही टेंडर किया गया है। लेकिन मटेरियल के दाम आसमान पर जाने के कारण इसका काम भी अटक गया है। इस समय जहां सीमेंट के दाम अचानक से 30 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। वहीं सरिया के दाम भी करीब दस हजार रुपए टन पर बढ़ गए हैं।

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