गणेश मिश्रा- बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन अब बेहद करीब आ चुकी है। ऐसे में सुरक्षा बलों की सख्ती के बीच नक्सलियों के परिजन भी अब खुलकर सामने आ रहे हैं और अपने अपनों से हथियार छोड़कर घर लौटने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में कमकानार गांव से एक भावुक मामला सामने आया है, जहां एक नक्सली कमांडर के परिवार ने मीडिया के जरिए उसे आत्मसमर्पण करने की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर में नक्सल उन्मूलन की डेडलाइन के लिए अब महज 7 दिन शेष रह गए हैं। बावजूद इसके जिले में करीब 50 से अधिक नक्सलियों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आ रही है। इनमें पापा राव और सोढ़ी केशा जैसे वांटेड कमांडर भी शामिल हैं।
मुठभेड़ों के खतरे को देखते हुए नक्सलियों के परिजन चिंतित
दूसरी ओर, लगातार बढ़ते सुरक्षा दबाव और मुठभेड़ों के खतरे को देखते हुए नक्सलियों के परिजन चिंता में हैं। उन्हें डर सता रहा है कि, कहीं उनके अपने सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे न जाएं। यही वजह है कि, अब परिजन खुलकर आत्मसमर्पण और घर वापसी की अपील कर रहे हैं।
बड़े-बड़े नक्सली कमांडर आत्मसमर्पण कर चुके
कमकानार गांव में रहने वाले नक्सली कमांडर सूर्यपाल बोड्डू के परिवार ने भी मीडिया के माध्यम से उसे भावुक संदेश भेजा है। उसके दो भाइयों और भतीजे ने कहा कि, अब जंगल में हालात पहले जैसे नहीं रहे और हथियारबंद संघर्ष का कोई औचित्य नहीं बचा है। उनका कहना है कि, जब बड़े-बड़े नक्सली कमांडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, तो सूर्यपाल को भी अब घर लौट आना चाहिए और परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहिए।
परिवार ने किया सूर्यपाल को लौटने का निवेदन
परिजनों ने बताया कि, सूर्यपाल वर्ष 2008 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था और तब से झारखंड, गरियाबंद और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सक्रिय रहा है। परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि, अब समय बदल चुका है और जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य होना चाहिए।