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बलौदाबाजार शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी के चलते पिछले एक सप्ताह से संयुक्त जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में संचालित कैंटीन बंद पड़ी है।

कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान- इजराइल युद्ध के बीच अब इसका असर बलौदाबाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी के चलते पिछले एक सप्ताह से संयुक्त जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में संचालित कैंटीन बंद पड़ी है।

कलेक्ट्रेट में रोजाना आने वाले अधिकारी, कर्मचारी और आसपास के गांवों से कामकाज के सिलसिले में पहुंचने वाले लोग चाय-नाश्ते के लिए भटकते नजर आ रहे हैं। कैंटीन बंद होने के कारण कई कर्मचारियों ने घर से टिफिन लाना शुरू कर दिया है। इधर शहर की चौपाटी में भी हालात चिंताजनक हैं। छोटी-बड़ी दुकानों से लेकर चाय के टपरों तक पर ताले लगने लगे हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने से कारोबार ठप हो गया है, जिससे रोजगार पर भी सीधा असर पड़ा है। जिला कार्यालय की कैंटीन में कार्यरत करीब चार से पांच कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं चौपाटी के दुकानदार और उनके कर्मचारी भी आर्थिक मार झेल रहे हैं।

जिला मुख्यालय की कैंटीन भी बंद 
दूसरी ओर कलेक्टर का कहना है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं है और घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब गैस की कमी नहीं है, तो जिला मुख्यालय की कैंटीन में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है? अगर जल्द ही कमर्शियल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो होटल और कैंटीन संचालकों को अपना व्यवसाय बदलने तक की नौबत आ सकती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि रोजगार और जनसुविधा दोनों प्रभावित न हों।

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