बेमेतरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 14 वर्षों से सेवाएं दे रहे सहायक प्राध्यापक डॉ. वसुबंधु दीवान और लेखापाल नागेंद्र शर्मा को विदाई सह-सम्मान समारोह के तहत भावपूर्ण विदाई दी गई। कार्यक्रम में प्राचार्य, उप प्राचार्य, पूर्व प्राचार्य, सेवानिवृत्त व्याख्याता और क्रीड़ा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राध्यापकों ने सहभागिता की।
डाइट परिवार ने दी भावपूर्ण विदाई
कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदा की पूजा-अर्चना के साथ हुई। छात्राध्यापकों कोमल शर्मा, भावना सोनी और योगेश कुमार ने डॉ. दीवान के सरल व्यक्तित्व और प्रेरणादायी व्यवहार पर अपने संस्मरण साझा किए।

डॉ. दीवान की कमी को पूरा करना कठिन- उप प्राचार्य
उप प्राचार्य डॉ. कमल कपूर बंजारे ने कहा कि शासन की प्रक्रिया में सेवानिवृत्ति तय है, लेकिन डॉ. दीवान जैसा व्यक्तित्व संस्थान के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि डॉ. दीवान डॉक्टर, इतिहासकार, साहित्यकार और शिक्षाविद सभी रूपों में प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व हैं।
प्राचार्य ने कविता के साथ साझा की भावनाएँ
प्राचार्य जे.के. घृतलहरे ने एक भावनात्मक कविता के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने डॉ. दीवान और लेखापाल नागेंद्र शर्मा की सेवाओं, विनम्रता और समर्पण की सराहना की। साथ ही संस्थान के पूर्व पदाधिकारियों हेमंत भुवाल, तुकाराम साहू और कृष्ण कुमार सोनी का विशेष उल्लेख किया। पूर्व क्रीड़ा अधिकारी कृष्ण कुमार सोनी ने अवसर पर छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत कर माहौल भावुक कर दिया।
भावुक हुए डॉ. वसुबंधु दीवान, साझा कीं जीवन की यादें
अपनी विदाई भाषण के दौरान डॉ. दीवान भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि 2014 में उन्हें डाइट आने की प्रेरणा काका कमलेश शर्मा और स्व. प्राचार्य एम.एल. सोनवानी से मिली। अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें संस्थान के हर सदस्य प्राचार्य से लेकर चपरासी तक का अपार प्यार मिला। उन्होंने कहा “मेरे पास अभी 18 साल की ऊर्जा है। समाज सेवा का अवसर मिला तो अवश्य आगे आऊंगा।” इतिहास में अपने शोध कार्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह से जुड़े महत्वपूर्ण शोध दस्तावेजों को खोज निकालने का अनुभव भी साझा किया।

संबोधन में गूँजी प्रेरणा
डॉ. दीवान ने डीएलएड छात्राध्यापकों से कहा कि वे राम, गुरु घासीदास, कबीर और विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में उतारें और एक सक्षम, संवेदनशील शिक्षक बनें।
पूर्व प्राचार्य और अन्य शिक्षकों ने भी रखे विचार
सेवानिवृत्त प्राचार्य हेमंत भुवाल, पूर्व व्याख्याता तुकाराम साहू, पूर्व क्रीड़ा अधिकारी कृष्ण कुमार सोनी सहित कई शिक्षकों ने डॉ. दीवान और नागेंद्र शर्मा के योगदान को याद करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समापन एवं उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता अनिल कुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर डाइट के सभी अकादमिक एवं कार्यालयीन सदस्य, डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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