बेमेतरा। सरकारी आदेशों से परे, जब शिक्षक स्वयं आगे बढ़कर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का संकल्प लें, तो परिणाम भी असाधारण होते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदहारण बेमेतरा जिले से सामने आया है, जहां 51 शिक्षकों ने सितंबर 2025 में बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता और प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से एक राज्यस्तरीय शैक्षणिक चुनौती को स्वेच्छा से स्वीकार किया। यह पूरी पहल किसी शासनादेश का हिस्सा नहीं, बल्कि सुनील मिश्रा एवं शिक्षकों द्वारा गठित 66 सदस्यीय कोर टीम की स्वप्रेरित मुहिम है, जो आज छत्तीसगढ़ के 33 जिलों तक पहुंच चुकी है।
इस नवाचारी पहल के तहत पंजीकृत शिक्षकों को तीन कठिन चरणों की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इन चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर चयनित शिक्षकों को वारियर्स शिक्षक के रूप में राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह प्रक्रिया इसलिए भी अद्वितीय है क्योंकि इसमें बच्चों की सीखने की क्षमता, के साथ शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता, नवाचार और समर्पण की भी परख की जाती है।
डीआईईटी और कोर टीम के मार्गदर्शन में हुआ आकलन
इस संपूर्ण प्रक्रिया को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) बेमेतरा के प्राचार्य जे. के. घृतलहरे और व्याख्याता थलज कुमार साहू के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया गया। चारों विकासखंडों के बीआरसी डॉ. कमलेश निषाद, खोमलाल साहू, राजेन्द्र कुमार साहू एवं सरिता डहरिहा के साथ कोर मेंबर पवन कुमार देवांगन तथा 2025 में राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका केवरा सेन ने मिलकर जिले के चारों विकासखंडों से टीम गठित की।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित प्रथम चरण
प्रथम चरण में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आकलन किया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप था। इसमें बुनियादी साक्षरता, गणितीय ज्ञान, एफएलएन के चार ब्लॉक मॉडल तथा नवाचार के बिंदुओं को शामिल किया गया। आकलन के दौरान बच्चों की एक मिनट में 60 या उससे अधिक शब्द पढ़ने की क्षमता, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, मौखिक एवं लिखित गणितीय कौशल, साथ ही ग्रुप लर्निंग, पियर लर्निंग, विषय मित्र, तकनीक आधारित शिक्षण और चुनौती आधारित सीखने की प्रक्रियाओं को परखा गया।
तीन चरणों में होगा चयन
द्वितीय चरण में पूरे वर्ष की शैक्षणिक गतिविधियाँ, वीडियो एवं पीडीएफ दस्तावेजों का संकलन। तृतीय चरण में शिक्षकों का ऑनलाइन साक्षात्कार। तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पार करने वाले शिक्षक वारियर्स शिक्षक के रूप में राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे।
बेमेतरा बना प्रदेश में अग्रणी
राज्य स्तर पर सबसे पहले बेमेतरा जिले की टीम ने आकलन कार्य पूर्ण कर मिसाल कायम की। जिले की सक्रियता को देखते हुए बेमेतरा की टीम को अन्य जिलों में भी आकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई। सुकमा जिले के कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंडों में 16 वारियर्स शिक्षकों के चयन आकलन के साथ-साथ महासमुंद जिले के पिथौरा सहित अन्य विकासखंडों में भी यह कार्य संपन्न कराया गया। इन सभी विकासखंडों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सहभागिता निभाई।
चारों विकासखंडों की प्रभावी भागीदारी
बेरला विकासखंड: 22 विद्यालय
साजा विकासखंड: 13 विद्यालय
नवागढ़ विकासखंड: 8 विद्यालय
बेमेतरा विकासखंड: 8 विद्यालय









