बलौदाबाजार जिले में भाटापारा पुलिस ने बड़ा अभियान चलाकर 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 300 पुलिसकर्मियों की टीम ने 133 स्थायी और 107 गिरफ्तारी वारंट पर कार्रवाई की।

कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। फरार और वारंटी आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में करीब 300 पुलिसकर्मियों की टीम ने पूरे जिले में एक साथ दबिश दी।

इस हाई-वोल्टेज ऑपरेशन में 133 स्थायी वारंट और 107 गिरफ्तारी वारंट शामिल किए गए। वहीं 38 फरार आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। कुल मिलाकर 278 आरोपियों की गिरफ्तारी से अपराधियों में खौफ है। इस आपरेशन में सबसे बड़ी बात यह रही कि, पुलिस की साइबर टीम ने इन आरोपियों को कानपुर, राजस्थान, जामताड़ा और नोएडा जैसे दूसरे राज्यों से भी ढूंढ निकाला।

ब्लाक अध्यक्ष भागवत थवाईत की दबंगई से बिगड़े हालात
वहीं बलौदा बाजार जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कसडोल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष भागवत थवाईत पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने वांटेड पोस्टर भी जारी कर दिया है। 

बताया जा रहा है कि, मंगलवार को भागवत थवाईत ने अपने साथियों के साथ ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद बुधवार को कटगी स्थित सर्वा मोड़ के पास आरोपी ने अपने गुर्गों के साथ जमकर हुड़दंग मचाया। मामले ने तूल पकड़ लिया, जब बुधवार रात गांव में फिर से हंगामा किया गया।

आरोपी के पिता को लोगों ने किया पुलिस के हवाले
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच आरोपी के पिता को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद ग्राम पंचायत कटगी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

8 अप्रैल की रात पिता-पुत्र ने फैलाई थी दहशत
ग्रामीणों का आरोप है कि, 8 अप्रैल की रात ढाबा संचालक पिता-पुत्र ने अपने साथियों के साथ गांव में दहशत फैलाने के लिए तलवार लहराई और कथित रूप से कट्टे से फायरिंग की भी कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में अवैध शराब बिक्री और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

कार्रवाई नहीं किए जाने पर स्थिति बिगड़ती चली गई
गौरतलब है कि, हाईवे किनारे स्थित ढाबे में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने से स्थिति बिगड़ती चली गई। वहीं, शहर थाना से महज 10 किलोमीटर दूर इस तरह की घटना सामने आने के बाद पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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