कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में एक मामूली विवाद अब बड़ा राजनीतिक तूफान बन चुका है। नाबालिग से मारपीट के मामले में अब नया मोड़ आया है, जहां एक वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार जिले में अंबुजा सीमेंट प्लांट के सुरक्षाकर्मियों द्वारा नाबालिग बच्चों से मारपीट का मामला पहले ही सुर्खियों में था। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। शुरुआत में पीड़ित नाबालिग के बड़े भाई ने जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव पर पैसे का प्रलोभन देकर बयान दिलवाने का आरोप लगाया था। लेकिन अब इस पूरे मामले ने नाटकीय मोड़ ले लिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
दरअसल, इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में पीड़ित का बड़ा भाई खुद यह स्वीकार करता नजर आ रहा है कि, उसे ईशान वैष्णव का नाम लेने के लिए उकसाया गया था। वीडियो में वह यह भी कह रहा है कि, उसे लालच दिया गया था कि अगर वह जिला पंचायत सदस्य का नाम लेगा, तो उसे 2 लाख रुपये नगद और एक सरकारी नौकरी दिलाई जाएगी। इसी लालच में आकर उसने पहले गलत आरोप लगाए थे।
ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पर लगे गंभीर आरोप
वहीं, जब पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में जांच करते हुए पीड़ित के भाई को बयान के लिए बुलाया, तो उसने अपना रुख बदलते हुए ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि, उसी के द्वारा उसे पैसे और नौकरी का लालच देकर ईशान वैष्णव के खिलाफ बयान दिलवाया गया।
पुराणी रंजिश में लिया गया बदला
इधर, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए कहा कि चुनाव के समय की रंजिश की वजह से ही विरोधी द्वारा उनकी छवि खराब करने के लिए यह सब किया गया। उन्होंने कहा कि, प्रशासनिक जांच के बाद सच्चाई सामने आ चुकी है और अब दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है।
बदनाम करने के लिए रही जा रही थी साजिश
ईशान वैष्णव ने यह भी आरोप लगाया कि, उनकी ही पार्टी के कुछ लोग उनकी राजनीतिक प्रगति से असहज हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी संगठन से करने की बात कही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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