कुश अग्रवाल - बलौदा बाजार। जिला बलौदा बाजार में आज छत्तीसगढ़ के महान दानवीर और समाजसेवी दाऊ कल्याण सिंह की 150वीं जयंती सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा शासकीय दाऊ कल्याण सिंह महाविद्यालय परिसर में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में समाज के लोगों के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।
दाऊ कल्याण सिंह का जन्म 4 अप्रैल 1876 को भाटापारा तहसील के ग्राम तरेंगा में हुआ था। वे छत्तीसगढ़ के ऐसे दानवीर थे, जिन्होंने समाज सेवा को अपने जीवन का मूल उद्देश्य बनाया। उन्हें 'छत्तीसगढ़ का भामाशाह' कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अपनी विशाल संपत्ति का अधिकांश हिस्सा समाज के कल्याण के लिए दान कर दिया था।
बलौदा बाजार में दानवीर दाऊ कल्याण सिंह की 150वीं जयंती पर शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा में उनके योगदान को श्रद्धांजलि दे कर याद किया गया। @BalodaBazarDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/e7kkOFDjuH
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 4, 2026
शिक्षा और स्वास्थ्य में अद्वितीय योगदान
दाऊ कल्याण सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संस्थाओं को आगे बढ़ाने में अपार योगदान दिया। उन्होंने 1700 एकड़ से अधिक भूमि दान में देकर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सामाजिक संस्थाओं के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। रायपुर स्थित DKS अस्पताल उन्हीं की देन है, जो आज भी उनके परोपकार की पहचान के रूप में खड़ा है।
धर्मों के प्रति समान भावना
दाऊ कल्याण सिंह का परोपकार किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं था। उन्होंने मंदिर, मस्जिद, चर्च और धर्मशालाओं के निर्माण के लिए भी उदारता से भूमि दान की। उनके कार्य समाज में सद्भाव, एकता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
जयंती कार्यक्रम ने दिलाई आदर्शों की याद
150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को दाऊ कल्याण सिंह के आदर्शों, सेवा और त्याग की याद दिलाई। समाज ने संकल्प लिया कि उनकी प्रेरणा से समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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