आशीष कुमार- बतौली/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट के बड़ेरा मड़वासराई जंगल से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां जंगली जानवर का शिकार करने के लिए 11 हजार केवी से अवैध हुकिंग कर बिछाए गए जे ई तार की चपेट से मूर्ताडांड निवासी युवक और एक सियार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मैनपाट के बड़ेरा मड़वासरई के जंगल बिट क्रमांक 2355 में रवई लकड़ी लेंने जाना महंगा पड़ गया। जहां जंगली जानवर का शिकार करने 11 हजार केवी से अवैध हुकिंग कर बिछाए गए जे ई तार के चपेट में आने से बतौली के मूर्ताडांड निवासी मिश्रा यादव पिता काशी यादव उम्र लगभग 35 वर्ष को अपनी जान गंवानी पड़ गई। जबकि साथ में गए रिश्तेदार जयप्रकाश यादव, सूरज, रमेश बाल बाल बच गए। अपने रिश्तेदारों के आंखों के सामने ही युवक की तड़पकर मौत हो गई। इस घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणजन वन विभाग के कार्यप्रणाली से आक्रोशित है।
सरगुजा जिले के मैनपाट जंगल में अवैध शिकार के लिए बिछाए गए 11 हजार केवी करंट तार की चपेट में आकर एक युवक और सियार की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश। @SurgujaDist #chhattisgarh pic.twitter.com/T8tRRV6Erb
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 25, 2026
मैनपाट के घने जंगलों में बिछाया मौत का जाल
आपको जान कर हैरानी होगी कि, वन विभाग के नाक के नीचे मैनपाट के घने जंगल बड़ेरा मड़वासरई में अक्सर जंगली सुअर का शिकार करने 300 मीटर तक घने जंगल के बीच जे ई तार को लकड़ी का खंबा लगा बिछाया गया था। जिसे 11 हजार केवी ट्रांसफार्मर से अवैध हुकिंग कर नंगा जे ई तार में करेंट प्रवाहित किया गया था, जहां एक जंगली सियार की भी फंसकर मौत हो गई है।
पहले भी हो चुकी है चार भैंसों की मौत
इससे साफ है कि, जंगल में अवैध शिकार के लिए खतरनाक जाल अक्सर बिछाया जाता है। इसी करेंट के जाल में जंगल रवई लकड़ी लेने आए मिश्रा यादव भी फंस गया, जो तार में फंसकर मौके पर ही तड़पते हुए जान गंवा बैठा। जबकि उसके साथी भी तार के चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। नहीं तो उनको भी अपनी जान गंवानी पड़ती। पूर्व में भी 4 भैंसों की मौत इसी करेंट के जाल में फंसने से हो चुकी है।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। घने जंगलों में जानवरों की अवैध शिकार की बात हो या जंगलों के बीच जमीन हथियाने की बात हो। जहां ग्रामीण बिट प्रभारी और उच्च अधिकारियों की मिली भगत का आरोप लगाकर दोषियों पर करवाई की बात कर रहे
हैं।
अंबिकापुर के मैनपाट क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए अवैध करंट की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। @SurgujaDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/EvmUovsMmj
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कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग
ग्रामीणों का साफ कहना है कि, वन विभाग की सुस्त रवैया से संरक्षित जानवरों का शिकार हो रहा रहा है और जाल में फंसते लोगों को अपनी जान देनी पड़ रही है वन विभाग की सही देख रेख होता तो आज यह हादसा नहीं होता, जहां आम लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। आरोपियों पर कड़ी करवाई की जाए साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
वन विभाग ने जप्त किया तरंगित तार आरोपियों को भी जल्द पकड़ने का दावा
वन विभाग के रेंजर प्रशांत ,वन पाल विंदेश्वरी पैंकरा सहित टिम द्वारा जंगल में बिछाए तरंगित जे ई तार ,खंभे को जब्त किया गया है। जिसे बड़ेरा मड़वासरई के कक्ष क्रमांक 2355 में लाने ग्राम असकरा के 11 हजार केवी ट्रांसफार्मर से अवैध हुकिंग कर पूरे 300 मीटर तक जंगल में जाल बिछाया गया था। आरोपियों को पकड़ने का दावा वन विभाग कर रहा है। जहां वन विभाग द्वारा जंगल से सटे ग्रामीण जाहुर को पकड़ घटना स्थल पर लाया गया है। जो इस घटना में असकरा धवईढ़ोडी निवासी जयपाल पिता रूपसाय, गेंदा पिता सोनसाय को जाल बिछाते देखा था। फिलहाल, मैनपाट पुलिस सहित वन विभाग घटना की जांच में जुटी हुई है।








