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RCB फ्रेंचाइजी 1.78 अरब डॉलर में बिक गई है। नया मालिकाना आदित्य बिड़ला ग्रुप और अन्य निवेशकों के पास गया। यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक है।

Royal challengers bengaluru sale: आईपीएल इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड बन गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइजी को करीब 1.78 अरब डॉलर (लगभग 16,660 करोड़ रुपये) में एक बड़े कंसोर्टियम ने खरीद लिया। यह डील मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्र्स लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर घोषित की।

इस कंसोर्टियम में आदित्य बिरला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की BXPE रणनीति शामिल है। इस ऑल-कैश डील के बाद आरसीबी की पुरुष और महिला दोनों टीमें अब इस नए समूह के स्वामित्व और संचालन में होंगी।

लखनऊ-गुजरात फ्रेंचाइजी की वैल्यू से ज्यादा में हुआ सौदा
यह सौदा इसलिए भी खास है क्योंकि इसकी कीमत 2021 में बेची गई लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस की संयुक्त वैल्यू से भी ज्यादा है। इससे साफ है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू तेजी से बढ़ रही।

पहले डियाजियो के पास था मालिकाना हक
दरअसल, पिछले साल नवंबर में डियाजियो ने संकेत दिए थे कि वह RCB में अपनी हिस्सेदारी की समीक्षा कर रही है, क्योंकि क्रिकेट उसका मुख्य कारोबार नहीं है। इसके बाद बिक्री की प्रक्रिया शुरू हुई और अब यह डील पूरी हो गई है। हालांकि, अंतिम तौर पर इस सौदे को बीसीसीआई और प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिलना बाकी है।

2008 में 111 मिलियन डॉलर में आरसीबी बिकी थी
आरसीबी आईपीएल की शुरुआत 2008 से ही जुड़ी हुई टीम है। उस समय इसे विजय माल्या के नेतृत्व वाले यूनाइटेड ब्रेवरीस ग्रुप ने करीब 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। इसके अलावा 2023 में RCB ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) की टीम को भी 901 करोड़ रुपये में खरीदा था।

नए कंसोर्टियम ने भी इस डील को लेकर उत्साह जताया है। उनके अनुसार, RCB की मजबूत ब्रांड पहचान, बेंगलुरु से गहरा जुड़ाव और दुनिया भर में फैला फैन बेस इसे एक खास फ्रेंचाइजी बनाता है। कंसोर्टियम ने कहा कि वे टीम को मैदान के अंदर और बाहर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस नए समूह में आर्यमन बिड़ला को चेयरमैन और सत्यन गजवानी को वाइस-चेयरमैन बनाया जाएगा। वहीं, यूएसएल के सीईओ प्रवीण सोमेश्वर ने कहा कि RCB आज आईपीएल और WPL की सबसे सफल और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी में से एक बन चुकी है।

यह डील एक बार फिर दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट और खासकर आईपीएल की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

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