संतोष कश्यप- अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने शनिवार को सरगुजा ओलंपिक 2026 के उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि, माँ महामाया की पवित्र भूमि में सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। माँ महामाया की कृपा पूरे छत्तीसगढ़ में बनी रहे। बस्तर में ओलंपिक हो रहा था और सरगुज़ा में नही हो रहा था तो इधर के लोग उदास थे। हमने निर्णय लिया कि, सरगुज़ा में भी सरगुज़ा ओलंपिक हो।
उन्होंने आगे कहा कि, बस्तर प्राकृतिक दृश्टिकोण से बेहद सुंदर है। 40 साल से ज्यादा समय से वो क्षेत्र नक्सलवाद से ग्रसित रहा। डबल इंजन की सरकार ने 31 मार्च तक नक्सवाद खत्म करना है। हमारे जवानों ने अदम्य साहस दिखाया जिससे पीएम और गृह मंत्री का सपना पूरा हो रहा है। बस्तर ओलंपिक में समर्पण करने वाले नक्सलियों ने शिरकत की। सरगुज़ा ओलंपिक का शुभांकर गजरु को बनाया है। 3 दिनों तक 12 विधाओं में यह आयोजन हो रहा है। आने वाले सालो में भी सरगुज़ा ओलंपिक का आयोजन होता रहेगा।
सरगुजा ओलंपिक के लिए बजट में किया गया है प्रावधान
सीएम श्री साय ने आगे कहा कि, बजट में भी इसके लिए प्रावधान किया है, छत्तीसगढ़ में हम खेल को बढ़ावा देना चाहते है। गीता फोगाट बोल रही थी कि, छत्तीसगढ़ की सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है, जो ओलंपिक में भाग लेगा उसे 21 लाख रुपये देगी। गोल्ड मेडल लेकर आये तो 3 करोड़, रजत पर 2 और कांस्य में 1 करोड़ मिलेगा। 20 करोड़ से पंडरापाठ में आर्चरी का एकेडमी होगा।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा
अमनेश कुजूर ने 100 मीटर रेस को 10.8 और 200 मीटर रेस में 20.32 का रिकार्ड बनाया है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, ये गौरव की बात है। कुछ खेल सरगुज़ा की धरती पर भी होगा। नवरात्रि के पहले दिन धर्म स्वतंत्र बिल हमने पास किया। अब जबरन धर्म बदलवाने और धर्म बदलने वालो का खैर नही, बहुत बड़ा कानून पास किया गया है। अब परीक्षाओं में गड़बड़ी होगी तो सख्त से सख्त सजा होगी। भर्ती प्रक्रिया में सरलता के लिए भी प्रयाश कर रहे हैं।









