संतोष कश्यप- अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले को लेकर अब मंत्री राजेश अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, इस धार्मिक आयोजन के लिए सरकार से किसी प्रकार की धनराशि देने का प्रावधान नहीं है और वायरल वीडियो के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, 'भारतीय नमो सेवा दल' नामक संस्था द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवेदन दिया गया था। आवेदन में धार्मिक आयोजन कराने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सरकारी स्तर पर ऐसे आयोजनों के लिए सीधे आर्थिक सहायता देना संभव नहीं होता।
बिना नियमों के सीधे पैसा देना संभव नहीं था- मंत्री
मंत्री ने आरोप लगाया कि, कथित कथावाचक द्वारा कार्यक्रम के लिए 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि, शासन की ओर से स्पष्ट नियम हैं कि धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी धनराशि नहीं दी जा सकती। यदि किसी योजना या नियम के तहत अधिकारी जांच कर उचित पाएंगे तो ही राशि मिल सकती है, अन्यथा यह संभव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, यदि अधिकारियों की प्रक्रिया के बाद राशि स्वीकृत हो जाती तो अलग बात थी, लेकिन बिना नियमों के सीधे पैसा देना संभव नहीं था। मंत्री के अनुसार, पैसा नहीं मिलने के बाद वीडियो जारी कर दबाव बनाने की कोशिश की गई है।
कथावाचक ने दी आत्मदाह करने की दी धमकी
इधर कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने वीडियो जारी कर विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की धमकी दी है। कथावाचक का कहना है कि, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे कथा कराई और पैसे नहीं दे रहे हैं। यह पैसे करीब 15 लाख रुपए हैं। मंत्री अग्रवाल ने आरोपों को झूठा बताया है। रामानुरागी महाराज ने आयोजन करने की बात कहकर संस्कृति विभाग में आवेदन दिया था। मैंने उनके आवदेन को रिमॉर्क किया था, जैसे सबका करता हूं। संस्कृति विभाग ऐसे आयोजनों पर राशि नहीं जारी करता। अब वीडियो वायरल कर झूठा आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, ऐसे लोग जो अनर्गल रूप से वीडियो जारी कर वसूली का प्रयास करते उनके क्लाफ एफआईआर होना चाहिए।
यह है पूरा मामला
कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया पेज पर कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज का वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में कथा वाचक कह रहा है कि 2 से 9 जनवरी तक उन्होंने मंत्री राजेश अग्रवाल के अंबिकापुर स्थित लखनपुर गांव में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया था। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कथावाचन करवाया, लेकिन पैसा नहीं दिया। जब भी पैसे मांगने जाओ तो बात तक नहीं सुनी जाती। किनारे कर दिया जाता है।
कथावाचक के आरोप गलत, मैंने नहीं कराया आयोजन- अग्रवाल
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, कथावाचक का आरोप पूरी तरह से गलत है। इस आयोजन पर मैं और मेरा परिवार कहीं भी शामिल नहीं है। न ही, इस आयोजन में मैं गया। यह आयोजन लखनपुर में भारती नमो सेवा दल द्वारा कराया गया था। आयोजन पूरी कराकर दो दिन पहले विधानसभा के बाहर डॉ. रामानुरानी महाराज मुझसे मिले थे, मैंने कहा, विधानसभा जा रहा हूं जल्दी में हूं। उसके बाद इस तरह का वीडियो वायरल हो रहा है।