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सरगुजा में अधिकारियों के नाक के नीचे अवैध रूप से संचालित क्रेसर के हापर में 20 वर्षीय मजदूर पत्थर डालने के दौरान हॉपर में जा गिरा है।

आशीष कुमार -बतौली सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध संचालन का नया मामला सामने आया है। खनिज अधिकारियों के नाक के नीचे अवैध रूप से संचालित क्रेसर के हापर में सोमवार  को 20 वर्षीय मजदूर पत्थर डालने के दौरान हॉपर में जा गिरा है। दूसरे मजदूर के सूझ बुझ से तुरंत क्रेसर संचालन बंद कर मजदूर को बाहर निकाला गया है।  मजदूर के पैर टूटने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया है। मजदूर का पैर पूरी तरह से फट जाने के वजह से गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया है जहां मजदूर की इलाज जारी है। मामला बतौली थाना क्षेत्र का है। 

मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवक का नाम 20 वर्षीय लवकेश सिंह पिता बृजलाल सिंह है। वह मध्य प्रदेश के अमरकंटक का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि,  जो अपने रोजी रोटी कामने के लिए क्रेशर में कई महीनों से कार्य कर रहा था।  इसी दौरान सुवारपारा में एल एल पी कंपनी रायगढ़ द्वारा अवैध रूप से संचालित क्रेसर में पत्थर डालने के दौरान हॉपर में जा गिरा है। दूसरे मजदूर के सूझ बुझ से तुरंत क्रेसर संचालन बंद कर मजदूर को बाहर निकाला गया है।  मजदूर के पैर टूटने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया है। मजदूर का पैर पूरी तरह से फट जाने के वजह से गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया है जहां मजदूर की इलाज जारी है। मामला बतौली थाना क्षेत्र का है।

Accident Illegal Stone Crusher

खनिज विभाग के उदासीन
बताया जा रहा है कि, ग्राम सुवारपारा में अवैध रूप से एक साथ दो प्लांट संचालित एक क्रेसर तो दूसरा डामर प्लांट है। यहां सैकड़ों की संख्या में मजदूर अपनी जिंदगी दांव में लगाकर काम कर रहे है, लेकिन सुरक्षा मानकों का  खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। एल एल पी कंपनी रायगढ़ द्वारा सरगुजा खनिज विभाग के उदासीन रवैया से बतौली के ग्राम सुवारपारा में एक साथ दो प्लांट का संचालन किया जा रहा है। 

मजदूर की सुरक्षा का नहीं है कोई इंतेजाम 
एल एल पी कंपनी रायगढ़ द्वारा सारे नियम कानूनों को ताक में रखते हुए क्रेसर में पत्थर तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही डामर प्लांट का संचालन कर सामग्री सड़क निर्माण कार्य में धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, लेकिन बड़ी अजीब विडंबना की बात है कि यहां कार्यरत सैकड़ों मजदूर सरगुजा सहित मध्यप्रदेश, बिहार दीगर राज्यों के है। सुरक्षा के मद्देनजर इनके सर से लेकर पांव तक संचालक की तानाशाही हावी है, जिससे मजदूरों को जूता, हेलमेट सहित जरूरी बीमा भी नहीं कराया गया है। मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर 24 घंटा कार्य करने को मजबूर है जिससे आज एक मजदूर के साथ दुखद घटना घटित हो गया जहां 20 वर्षीय  मजदूर को अपना पैर गवाने के कगार में अस्पताल में पड़ा हुआ है जो मजदूरों के लिए गंभीर सवाल बना हुआ है । एल एल कंपनी द्वारा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए क्रेशर सुवारपारा में संचालन कर पत्थल की तोड़ाई नियम विरुद्ध करते हुए ग्राम मंगारी से किया जा रहा है।

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