देवराज दीपक- सारंगढ़। जिले में अचानक बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। मंगलवार की दोपहर झमाझम बारिश के साथ तेज ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार ओले गिरने से सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
तेज बारिश और ओलों के कारण बाजारों में सन्नाटा छा गया, वहीं राहगीरों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। कई जगहों पर लोग दुकानों और घरों के छज्जों के नीचे शरण लेते नजर आए। अचानक आई इस मौसम की मार से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी प्याज, सब्जी और अन्य फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ओलों की मार से फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
सारंगढ़ जिले में करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार ओले गिरने से सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। pic.twitter.com/257WoZSSIW
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 17, 2026
घंटों चली ओलावृष्टि
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओले काफी बड़े आकार के थे और लगातार गिरते रहे, जिससे खेतों और सड़कों पर मोटी परत जम गई। इससे न सिर्फ खेती को नुकसान हुआ, बल्कि बिजली और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
गर्मी से मिली राहत
हालांकि, इस तेज बारिश और ओलावृष्टि के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है। बहरहाल, अचानक बदले मौसम ने जहां एक ओर जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं, दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं कि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से कितना राहत मिल पाता है।









