पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ी मछली पर शिकंजा कसा है। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के उप महाप्रबंधक (DGM) पंकज कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी ने सबको हैरान कर दिया है। कार्रवाई के दौरान डीजीएम इस कदर बौखला गए कि उन्होंने काली कमाई को बचाने के लिए नोटों की गड्डियां और सोने के जेवर खिड़की से बाहर फेंकना शुरू कर दिया।
छापेमारी में नोटों की बारिश और करोड़ों के हीरे-जवाहरात
एसवीयू की टीम जब पंकज कुमार के कदमकुआं स्थित आवास पर पहुंची, तो वहां नजारा फिल्मी था। अधिकारी को देखते ही इंजीनियर ने घर में छिपे 32 लाख रुपये नकद और 1.31 करोड़ रुपये के सोने, चांदी व हीरे के आभूषण खिड़की से नीचे फेंक दिए। हालांकि, मुस्तैद टीम ने इन सभी को तुरंत जब्त कर लिया।
छापेमारी में बरामद मुख्य संपत्तियां:
- नकद: करीब 32 लाख रुपये।
- आभूषण: 1.31 करोड़ रुपये के हीरा, सोना और चांदी।
- फ्लैट्स: पटना के कंकड़बाग में 2 फ्लैट और कदमकुआं में 1 आलीशान फ्लैट।
- दस्तावेज: सोने की खरीदारी की 150 से अधिक रसीदें और निवेश के भारी दस्तावेज।
13 साल की नौकरी और 'अकूत' काली कमाई
एसवीयू के मुताबिक, पंकज कुमार ने साल 2013 में सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। महज 13 साल के सफर में उन्होंने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा कर ली। शुरुआती जांच में उन पर 96.46 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का आरोप था, लेकिन छापेमारी के दौरान मिले सबूत इस आंकड़े से कई गुना ज्यादा निकले।
आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दाराद ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी इंजीनियर के खिलाफ कांड संख्या 10/2026 दर्ज की गई है। उनकी पत्नी के नाम पर भी कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। फिलहाल बैंक खातों और वित्तीय निवेशों की जांच जारी है, जिससे काली कमाई का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।









