बिहार के सारण जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। जांच में अब साफ हो गया है कि इन मौतों के पीछे मिथाइल अल्कोहल मिला हुआ जहरीला मिश्रण जिम्मेदार था।
मशरक और पानापुर में हुईं मौतें
यह दुखद घटना सारण के मशरक और पानापुर क्षेत्रों में सामने आई। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के एडीजी अमित कुमार जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
इनमें से दो शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि तीन लोगों का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि शराब जहरीली थी।
कैसे बनी शराब जानलेवा?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अवैध शराब बनाने के लिए स्पिरिट में मिथाइल अल्कोहल मिलाया गया था। यह एक बेहद खतरनाक रसायन होता है, जो शरीर में जाते ही जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी मात्रा में भी इसका सेवन आंखों की रोशनी छीन सकता है और अधिक मात्रा में यह मौत का कारण बन जाता है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, किंगपिन गिरफ्तार
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। अब तक चार एफआईआर दर्ज की गई हैं और कुल दस लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुख्य आरोपी सूरत महतो समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
शराबबंदी के बावजूद बढ़ रही घटनाएं
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब का नेटवर्क लगातार सक्रिय बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, साल 2025 में उत्पाद कानून के तहत 1.25 लाख से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें बड़ी संख्या में शराब तस्कर और पीने वाले दोनों शामिल हैं। वहीं 2026 में भी कार्रवाई का सिलसिला जारी है और अब तक हजारों लोगों को पकड़ा जा चुका है।
प्रशासन सख्त, नेटवर्क की जांच जारी
इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।