Sanjay Jha on Darbhanga Airport: संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की वकालत की। उन्होंने बताया कि यह हवाई अड्डा 'उड़ान' योजना के तहत देश का सबसे सफल एयरपोर्ट साबित हुआ है, जहां पिछले पांच वर्षों में 30 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया है।
संजय झा ने केंद्र सरकार से अपील की कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इसे जल्द से जल्द अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।
12000 फीट लंबा रनवे और जमीन का अधिग्रहण
एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने रनवे की लंबाई को 12,000 फीट तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इससे यहां 'वाइड बॉडी' यानी बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। इस परियोजना के लिए कुल 90 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है।
बिहार सरकार ने इसके लिए 10 जनवरी 2025 को ही 245 करोड़ रुपये की राशि आवंटित कर दी थी। जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है और रक्षा मंत्रालय से भी इसके लिए सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।
Raised during Zero Hour in the Rajya Sabha the urgent need to develop Darbhanga Airport as an International Airport.
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) February 11, 2026
With growing passenger traffic, strong regional connectivity and proximity to Nepal, Darbhanga is strategically positioned for global operations. The Bihar… pic.twitter.com/t80cYAhbmP
मखाना और कृषि उत्पादों के लिए बनेगा कार्गो हब
दरभंगा एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय होना केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। संजय झा ने कहा कि इस क्षेत्र में पैदा होने वाले मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए यहाँ कार्गो सेवा शुरू करना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, बिहार सरकार ने एयरपोर्ट के पास एक लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब बनाने की भी घोषणा की है। इससे उत्तर बिहार और नेपाल के कृषि आधारित उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल सकेगा, जिससे स्थानीय किसानों की आय में बड़ा इजाफा होगा।
मिथिला और उत्तर बिहार का बदलेगा भविष्य
दरभंगा एयरपोर्ट का प्रभाव केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समूचे उत्तर बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार है। इसके अंतरराष्ट्रीय बनने से पर्यटन और व्यापार को नई दिशा मिलेगी। नीतीश सरकार ने अपने हालिया बजट में भी इस संकल्प को दोहराया है। सिविल एन्क्लेव के निर्माण और रनवे विस्तार के बाद यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख विमानन केंद्रों में से एक बन जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के साथ क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई देगा।









