Bhagalpur news: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष की आंच अब बिहार के घरों तक पहुंच गई है। ईरान से भारत आ रहे थाईलैंड के एक समुद्री जहाज पर हुए हमले में भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत पाठकडीह निवासी मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। इस दुखद खबर के मिलते ही पूरे सन्हौला क्षेत्र और उनके पैतृक गांव पाठकडीह रानी बमिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
युद्ध की भेंट चढ़ा बिहार का सपूत
ग्रामीणों के अनुसार, सरयुग प्रसाद सिंह के पुत्र देवनंदन प्रसाद सिंह एक कुशल मरीन इंजीनियर थे। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जारी युद्ध की स्थिति के दौरान उनके जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के छोटे भाई इंजीनियर कृष्णनंदन प्रसाद सिंह परिवार के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और इसकी कीमत एक निर्दोष भारतीय इंजीनियर को चुकानी पड़ी है।
मुंबई में रहता था परिवार
देवनंदन सिंह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे अपनी पत्नी कुमकुम सिंह के साथ मुंबई में रहते थे, जहां उन्होंने अपना घर बना लिया था। उनके दो बच्चे हैं- पुत्र क्षितिज कुमार और पुत्री कोमल कुमारी, जो क्रमशः जर्मनी और जापान में कार्यरत हैं। गांव के लोगों ने बताया कि देवनंदन सिंह बेहद मिलनसार स्वभाव के थे और जब भी गांव आते थे, हर किसी से बड़े प्रेम से मिलते थे। उनके छोटे भाई भी इंजीनियर हैं, जो फिलहाल घर पर ही रहते हैं।
शव को गांव लाने और मुआवजे की मांग
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि देवनंदन सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव लाया जाए। वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार और अन्य नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार से अपील की है कि उनके शव को विशेष विमान से भागलपुर लाने की व्यवस्था की जाए।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई की अपील
भाजपा और एनडीए के नेताओं ने इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और मरीन इंजीनियर का दाह संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए। सरकार से मांग करने वालों में नितेश सिंह, योगेश पांडे और डॉ. रोशन सिंह सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हैं। सभी ने एक सुर में कहा कि इस संकट के समय में पूरा जिला पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।