Arwal Murder Case: बिहार के अरवल जिले के शहर तेलपा थाना अंतर्गत अंधराचक गांव में सोमवार सुबह अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। 45 वर्षीय भवन निर्माण ठेकेदार संजय पंडित अपने पुराने घर की सफाई करवा रहे थे, तभी लगभग 10 बजे ऑटो और बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने उन्हें बाहर बुलाया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, अपराधियों ने उन पर नजदीक से गोलियां बरसा दीं। गोली लगने के तुरंत बाद संजय पंडित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
एसआईटी (SIT) का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए अरवल पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिंह सिमी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले के खुलासे के लिए पुलिस उपाधीक्षक कृति कमल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से दो खाली खोखे बरामद किए हैं और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए मृतक के पुराने विवादों और व्यापारिक रंजिश सहित सभी पहलुओं पर बारीकी से छानबीन कर रही है।
पूर्व विधायक और ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन
हत्या की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक महानंद प्रसाद भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराधी बेखौफ हैं और पूर्व में हुए आंगनबाड़ी सेविका हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं होना पुलिस की विफलता को दर्शाता है। सड़क जाम होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
कौन थे संजय पंडित?
मृतक संजय पंडित मूल रूप से महावीरगंज के निवासी थे, लेकिन फिलहाल देवकुंड में अपना मकान बनाकर रह रहे थे। अंधराचक में उनका पुराना मकान था जहाँ वे पहले पोल्ट्री फार्म का संचालन करते थे। हाल के दिनों में वे ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के ठेके लेने का काम कर रहे थे।
स्थानीय लोगों के बीच उनकी छवि एक मेहनती व्यक्ति की थी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, जिसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।