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FIFA World Cup 2018: प्रतिबंध को भुलाकर खुद को साबित करने के लिये मैदान पर डेनमार्क के खिलाफ उतरेंगे पेरू

लंबे समय बाद फुटबॉल महासमर में भाग ले रही पेरू की टीम फीफा विश्व कप 2018 के अपने शुरुआती मैच में शुक्रवार को यहां जब डेनमार्क और उसके स्टार मिडफील्डर क्रिस्टियन एरिक्सन का सामना करेगी तो उसका दारोमदार पाओलो गुएरेरो पर टिका रहेगा जो डोपिंग के कारण लगे प्रतिबंध को भुलाकर खुद को साबित करने के लिये मैदान पर उतरेंगे।

FIFA World Cup 2018: प्रतिबंध को भुलाकर खुद को साबित करने के लिये मैदान पर डेनमार्क के खिलाफ उतरेंगे पेरू
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सारान्स्क। लंबे समय बाद फुटबॉल महासमर में भाग ले रही पेरू की टीम फीफा विश्व कप 2018 के अपने शुरुआती मैच में शुक्रवार को यहां जब डेनमार्क और उसके स्टार मिडफील्डर क्रिस्टियन एरिक्सन का सामना करेगी तो उसका दारोमदार पाओलो गुएरेरो पर टिका रहेगा जो डोपिंग के कारण लगे प्रतिबंध को भुलाकर खुद को साबित करने के लिये मैदान पर उतरेंगे।

फ्लेमेंगो के फारवर्ड गुएरेरो की मौजूदगी से पेरू के कोच रिकार्डो गेरेसा को बड़ी राहत मिली। उन पर कोकीन लेने के कारण 14 महीने का प्रतिबंध लगा था जो विश्व कप शुरू होने से एक सप्ताह पहले हटा दिया गया था। लेकिन डेनमार्क के पास गोल मशीन एरिक्सन है जिन्होंने क्वालीफायर में अपनी टीम की तरफ से 11 गोल दागे थे।

क्वालीफाईंग में उनसे अधिक गोल केवल क्रिस्टियानो रोनाल्डो और राबर्ट लेवानडोवस्की ने किये थे। टोटेनहैम होट्सपुर की तरफ से खेलने वाले 26 वर्षीय एरिक्सन ने पिछले साल नवंबर में आयरलैंड के खिलाफ डेनमार्क की 5-1 से जीत में हैट्रिक जमायी थी। उन्होंने विश्व कप से पहले मैत्री मैच में मैक्सिको पर 2-0 की जीत में भी गोल किया था।

फ्रांस को ग्रुप सी से शीर्ष पर रहने का दावेदार माना जा रहा है और ऐसे में कोई भी टीम अपने पहले मैच में अंक नहीं गंवाना चाहेगी। सारान्स्क में हालांकि निगाहें 34 वर्षीय गुएरेरो पर टिकी रहेंगी जो 33 वर्षीय जैफरसन फारफान के साथ पेरू के आक्रमण की अगुवाई करेंगे।

वह फारफान ही थे जिन्होंने पराग्वे और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ प्लेऑफ मैच में गोल करके पेरू को 36 साल बाद विश्व कप में जगह दिलायी थी। पिछले साल अक्तूबर में अर्जेंटीना के खिलाफ क्वालीफायर के बाद गुएरेरो का परीक्षण पाजीटिव पाया गया था लेकिन यह मिडफील्डर विश्व कप में भाग लेने के लिये कानूनी जंग जीतने में सफल रहा।

उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ अभ्यास मैच में 3-0 से जीत में दो गोल दागकर अपने कौशल का परिचय दिया। लेकिन जब पेरू की टीम डेनमार्क से भिड़ेगी तो प्रतिस्पर्धा कड़ी होगी। यह मैच दूसरे संदर्भ में भी दिलचस्प है। डेनमार्क के खिलाड़ियों का औसत कद 1.85 मीटर है जो विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों में सर्वाधिक है।

दूसरी तरफ पेरू के खिलाड़ियों का औसत कद 1.78 मीटर है जो सबसे कम है। डेनमार्क के सेंटर बैक साइमन कजार और आंद्रियास क्रिस्टेनसन की भी गुएरेरो और फारफान के सामने परीक्षा होगी। डेनमार्क 2016 से 14 मैचों में अजेय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उसके कोच ऐज हैरीड अग्रिम पंक्ति में 20 वर्षीय कास्पर डोलबर्ग और निकोलेई जोर्गनसेन में से किसे चुनते हैं।

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