T20 World Cup 2026 के सुपर-8 मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। विल जैक्स और रेहान अहमद की शानदार साझेदारी से पाकिस्तान की सेमीफाइनल उम्मीदें बरकरार।

टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में शुक्रवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत के साथ जहां इंग्लैंड ने सेमीफाइनल की रेस में खुद को मजबूत किया, वहीं न्यूजीलैंड की हार से ग्रुप का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस नतीजे से पाकिस्तान की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं।

न्यूजीलैंड की मजबूत शुरुआत, लेकिन स्पिनरों ने रोका रफ्तार
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 54 रन बना लिए थे। ऐसा लग रहा था कि टीम 180+ के स्कोर की ओर बढ़ रही है, लेकिन इंग्लैंड के स्पिन आक्रमण ने मैच पलट दिया।

अदिल राशिद और रेहान अहमद ने मध्य ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की। विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ और कीवी टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 159 रन ही बना सकी। ग्लेन फिलिप्स ने जरूर संघर्ष किया, लेकिन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई।

इंग्लैंड की लड़खड़ाती शुरुआत
160 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। जोस बटलर खाता भी नहीं खोल सके और टीम 2 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। हैरी ब्रुक ने कुछ समय क्रीज पर बिताया, लेकिन लगातार गिरते विकेटों ने दबाव बढ़ा दिया। 100 रन तक पहुंचते-पहुंचते इंग्लैंड के 5 विकेट गिर चुके थे और मुकाबला न्यूजीलैंड की ओर झुकता दिख रहा था।

विल जैक्स–रेहान अहमद की तूफानी साझेदारी
यहीं से मैच का असली मोड़ आया। विल जैक्स और डेब्यू कर रहे रेहान अहमद ने सिर्फ 16 गेंदों में 44 रन की अटूट साझेदारी कर मैच की दिशा बदल दी। जैक्स ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, जबकि रेहान ने भी बेखौफ शॉट खेलते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पाकिस्तान के लिए राहत की खबर
न्यूजीलैंड की इस हार से सुपर-8 ग्रुप का समीकरण दिलचस्प हो गया है। पाकिस्तान के लिए अब भी सेमीफाइनल का रास्ता खुला है, बशर्ते बाकी मुकाबलों के परिणाम उनके पक्ष में जाएं। कोलंबो की स्पिन फ्रेंडली पिच पर यह मुकाबला पूरी तरह गेंदबाजों और निचले क्रम की हिम्मत के नाम रहा। इंग्लैंड ने आखिरी पलों में संयम दिखाते हुए रोमांचक जीत दर्ज की, जिसने टूर्नामेंट को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।